उत्तर भारत के एकमात्र केंद्र उत्तरी क्षेत्र फार्म मशीनरी प्रशिक्षण एवं परीक्षण संस्थान (टीटीआई) में सवा साल बाद जुलाई माह से ऑफलाइन पढ़ाई शुरू होगी। शुरुआत में 50 युवाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इस संस्थान में किसानों को ट्रैक्टर व अन्य कृषि संयंत्र चलाने, उनकी मरम्मत और रखरखाव का प्रशिक्षण मुफ्त में दिया जाता है। तीन दिन से 6 सप्ताह के होने वाले विभिन्न कोर्सों के तहत किसानों को यहां प्रति सप्ताह एक हजार रुपये का वजीफा भी मिलता है।
कोरोना काल में लॉकडाउन के दौरान चले बेरोजगारी के दौर में टीटीआई ने करीब 250 प्रवासी मजदूरों को प्रशिक्षण दिया है। संस्थान के निदेशक डॉ. मुकेश जैन ने बताया कि यहां करीब 156 देशों के 75 हजार से अधिक किसान व अन्य लोग प्रशिक्षण ले चुके हैं। ट्रेनिंग लेने वालों में रवांडा, इथोपिया, केन्या, सूडान, नाइजीरिया, तंजानिया, मोरेक्को, युगांडा, मेडागास्कर, अल्जीरिया, मॉरीशस, भूटान, नेपाल, इराक, अफगानिस्तान आदि देशों के लोग शामिल हैं। करीब 5000 लोगों को अब तक प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
भारत सरकार ने किसानों के परीक्षण व कृषि मशीनरी की टेस्टिंग का पहला केंद्र 1956 में मध्यप्रदेश के बुदनी में खोला था। इसके बाद बढ़ती जरूरत को देखते हुए 1963 में हरियाणा के हिसार में देश का दूसरा केंद्र खोला गया। निदेशक ने बताया कि संस्थान अपने कुछ पाठ्यक्रम एग्रीकल्चरल स्किल काउंसिल ऑफ इंडिया के साथ मिलकर चला रहा है। इसमें ट्रैक्टर ऑपरेटर और ट्रैक्टर मैकेनिक जैसे पाठ्यक्रम शामिल हैं।