हिसार। ग्राम कनोह निवासी संदीप कुमार समेत अन्य ग्रामीणों ने हिसार से वाया अग्रोहा-उकलाना जाने वाली रोडवेज बसों के फेरे बढ़ाने की मांग की है। ग्रामीणों के अनुसार इस मार्ग पर पहले करीब 16 रोडवेज बसों का संचालन होता था लेकिन अब इनकी संख्या घटाकर आठ कर दी गई है।
इससे यात्रियों को परेशानी हो रही है और निजी बस संचालकों को इसका लाभ मिल रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि बूथ पर पहले रोडवेज बसों की सुविधा नियमित रूप से उपलब्ध रहती थी, लेकिन अब यहां मुख्य रूप से निजी बसें ही मिलती हैं। रोडवेज बसों का संचालन भी बूथ के बजाय दूसरी जगह से किया जा रहा है। इससे इस मार्ग पर यात्रा करने वाले ग्रामीणों, विद्यार्थियों और कर्मचारियों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
ग्रामीणों ने रोडवेज अधिकारियों से पुराने शेड्यूल के अनुसार बसों के फेरे बढ़ाने और बूथ से ही रोडवेज बसों का संचालन सुनिश्चित करने की मांग की है ताकि यात्रियों को पर्याप्त सार्वजनिक परिवहन सुविधा मिल सके।
15 मांगों को लेकर रोडवेज कर्मचारियों का बेमियादी धरना
हिसार। बकाया भुगतान समेत 15 मांगों को पूरा कराने के लिए रोडवेज कर्मचारी बेमियादी धरने पर बैठे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि उनकी कई मांगें लंबे समय से लंबित हैं। समाधान नहीं होने से उनमें रोष है। कर्मचारी संघ ने चेतावनी दी है कि जल्द मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
रोडवेज के महाप्रबंधक राहुल मित्तल ने बताया कि कर्मचारियों के बकाया एलटीसी, मेडिकल बिल और रात्रि भत्ते के भुगतान से संबंधित पत्र मुख्यालय को भेजे गए हैं। इसके अलावा रोडवेज के लिए टायर और नई बसों की मांग भी मुख्यालय के समक्ष रखी गई है। मुख्यालय से नए निर्देश मिलने के बाद नियमानुसार आगामी कार्रवाई की जाएगी।
रोडवेज कर्मचारी संघ के शाखाध्यक्ष एवं राज्य उपप्रधान राजकुमार चौहान ने कहा कि कर्मचारियों की सभी लंबित मांगों का जल्द समाधान होना चाहिए। कर्मचारी लंबे समय से मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यालय ने जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर बस चालक और परिचालक चक्काजाम जैसा कदम उठाने के लिए भी मजबूर हो सकते हैं।