हिसार। तोशाम फोरलेन रोड के निर्माण में आ रही बाधाएं रुकने का नाम नहीं ले रही है। अब नहरबंदी इस रोड के निर्माण में रुकावट बन गई है। नहरबंदी न मिलने से ठेकेदार डाबड़ा माइनर पर पुल का निर्माण नहीं कर पा रहा है। पुल का निर्माण न होने से प्रोजेक्ट अधर में लटक गया है।
बीएंडआर के अधिकारियों की मानें तो वह इस बारे में सिंचाई विभाग से पत्राचार कर चुके हैं। सिंचाई विभाग अगले वर्ष मार्च में सौ फीसदी नहरबंदी देने की बात कह रहा है। बता दें कि वर्ष 2017 में मुख्यमंत्री ने डाबड़ा चौक से डाबड़ा गांव तक फोरलेन रोड बनाए जाने की घोषणा की थी। इसके बाद वर्ष 2019 में दो हिस्सों में इसका टेंडर किया गया था। दोनों एजेंसियों को अपने-अपने हिस्से का काम एक साल में पूरा करके देना था, मगर निर्माण स्थल पर पेड़ों की कटाई न होने व बिजली के तार न हटने से काफी समय तक काम प्रभावित रहा। इस कारण से डाबड़ा चौक से बालसमंद वाले हिस्से का निर्माण एक साल की बजाय करीब दो साल में पूरा हुआ। वहीं, आधार अस्पताल से डाबड़ा गांव वाले हिस्से का काम अभी भी अधर में लटका पड़ा है, जबकि इस हिस्से पर निर्माण कार्य को शुरू हुए दो साल से ज्यादा का समय हो चुका है।
दो माह से नहीं मिल रही नहरबंदी
पहले डाबड़ा माइनर के ऊपर से 33 केवी की लाइन गुजर रही थी, जो पुल के निर्माण में बाधा बन रही थी। काफी पत्राचार के बाद निगम ने इस लाइन को शिफ्ट किया। लाइन शिफ्ट होने के बाद ठेकेदार ने पाइल डाली, मगर इसके बाद से नहरबंदी नहीं हुई। एजेंसी की मानें तो 15 दिन नियमित रूप से होने वाली नहरबंदी के दौरान नहर में पानी चलता रहा है, जिस कारण से वह पुल का निर्माण नहीं कर पा रहा है। हालांकि नवंबर के आखिर में सिंचाई विभाग ने नहरबंदी देने की बात कही थी। बावजूद इसके नहर में पानी छोड़ दिया गया।
माइनर पर बनाया जाना है फोरलेन पुल
डाबड़ा माइनर पर फोरलेन पुल बनाया जाना प्रस्तावित है। शुरू में एक तरफ का पुल बनाया जाएगा। उसके बनने के बाद पुराने पुल को तोड़ा जाएगा और उसकी जगह नया पुल बनाया जाएगा। इस पुल के अलावा इसके दोनों तरफ करीब 50-50 मीटर का हिस्सा भी अभी बनाया जाना बाकी है। यह हिस्सा भी तब बनेगा, जब पुल का निर्माण पूरा हो जाएगा, क्योंकि उसी के लेवल के हिसाब से यह हिस्सा बनाया जाएगा।
यह मामले मेरे संज्ञान में हैं। अब पानी की मांग घट चुकी है। जल्द ही एजेंसी को नहरबंदी दे देंगे। हमारी एजेंसी से बात हुई है, वह नहर में दो से तीन फुट पानी में काम कर लेगी। सौ प्रतिशत नहरबंदी तो मार्च में संभव हो सकेगी। - जसमेर सिंह, एसई, सिंचाई विभाग