हांसी। खंड के राजकीय विद्यालयों के पहली से आठवीं कक्षा के करीब 9 हजार विद्यार्थियों को दिए जाने वाले मिड-डे-मील में पौष्टिक तत्वों की बढ़ोतरी होगी। ताकि विद्यार्थी सर्दी के मौसम में तंरुस्त रहे सकें।
मिड-डे-मील में खर्च के लिए प्राइमरी स्कूल के बच्चों के लिए 74 पैसे व मिडिल स्कूल के बच्चों के लिए 1.12 रुपये की बढ़ोतरी की गई है।
शिक्षा विभाग ने पीएम पोषण योजना के तहत मध्याह्न भोजन के लिए खरीदी जाने वाली सामग्री लागत में बढ़ोतरी की है। विद्यार्थियों को पौष्टिक भोजन देने के उद्देश्य से बजट को बढ़ाया गया है।
नई लागत के अनुसार प्रति विद्यार्थी प्राइमरी स्कूलों के लिए 5.45 रुपये से बढ़ाकर 6.19 रुपये डाइट खर्च कर दिया है। वहीं छठी से आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों को प्रतिदिन 8.17 रुपये से बढ़ाकर 9.29 रुपये डाइट खर्च किया गया है। खंड प्रथम में 80 प्राइमरी और 54 मिडिल स्कूल हैं। इसमें करीब 9 हजार विद्यार्थी मिड-डे-मील का लाभ लेते हैं।
सर्दियों में मोटे अनाज के पकवान परोसे जाएंगे
यह लागत केंद्र और राज्य सरकार दोनों द्वारा 60:40 के अनुपात में वहन की जाएगी। राजकीय स्कूलों में पहली से आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों को दोपहर का भोजन दिया जाता है। योजना का मुख्य उद्देश्य राजकीय स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को स्कूल में ही पढ़ाई के लिए प्रोत्साहन देना और उनकी स्वस्थ दिनचर्या का ध्यान रखना है। योजना के तहत राजकीय स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को रोजाना अलग-अलग प्रकार का भोजन परोसा जाता है। इसमें राजमा-चावल, पूरी, पकौड़ी, हलवा, काला चना, पराठा, मीठा दलिया, सोया पुरी से लेकर फल व दूध जैसे पौष्टिक आहार शामिल हैं। सर्दी का मौसम आने के बाद विद्यार्थियों के भोजन में बदलाव किया जाता है। सर्दियों के मौसम में विद्यार्थियों को मोटे अनाज से बने पकवान परोसे जाते हैं।
राजकीय स्कूलों में पढ़ने वाले पहली से आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों को दोपहर के समय मिड डे मील परोसा जाता है। जिसकी लागत सामग्री में बढ़ोतरी की गई है। इससे विद्यार्थियों को और पौष्टिक भोजन परोसा जा सकेगा। सर्दियों के मौसम को देखते हुए इस समय स्कूलों में मोटे अनाज के व्यंजन विद्यार्थियों को दिए जाते हैं, ताकि उनकी सेहत बनी रहे।
- जिले सिंह, खंड शिक्षा अधिकारी, खंड प्रथम