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अब गांव गोद लेकर नशे के खिलाफ मुहिम चलाएंगे राष्ट्रपति अवॉर्डी प्राध्यापक प्यारेलाल

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प्राध्यापक प्यारेलाल, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय गंगवा। - फोटो : Hisar
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संदीप रामायण
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हिसार। राष्ट्रपति अवॉर्ड मिलने के बाद प्राध्यापक प्यारेलाल का उत्साह दोगुना बढ़ गया है। अब उन्होंने तीन प्रण लिए हैं। पहला प्रण यह है कि वे गांव को गोद लेकर उसे नशा मुक्त करने का अभियान चलाएंगे।
इसके अलावा महिलाओं को ज्यादा से ज्यादा रोजगार उपलब्ध करवाने के लिए गांव गोद लिया जाएगा और तीसरे प्रण में जिले के किसी गांव को गोद लेकर पढ़ाई छोड़ चुके युवाओं को व अन्य लोगों को शिक्षा की धारा से जोड़ा जाएगा। प्यारेलाल ने कहा कि युवाओं को नशे से मुक्त कराना, महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देना, युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान कराना ही उनके जीवन का एक मात्र लक्ष्य बन चुका है।
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प्राध्यापक प्यारेलाल ने बताया कि उनका पैतृक गांव भिवानी जिले में दरियापुर ढाणी है। उन्होंने हिसार जाट कॉलेज से बीकॉम की। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से एमकॉम की। जर्मन भाषा से डिप्लोमा कोर्स किया। यूजीसी नेट क्वालीफाई किया। प्यारेलाल ने बताया कि 1999 में वे स्कूल शिक्षा विभाग में बतौर कॉमर्स लेक्चरर भर्ती हुए। संवाद
घर-घर जाकर महिलाओं को पढ़ाया
प्राध्यापक प्यारेलाल ने 150 स्वयंसेवकों व 20 अध्यापकों की टीम बना कर घर-घर जाकर महिलाओं को पढ़ाने का कार्य किया। गर्मी की छुट्टियों व रविवार को सामूहिक कक्षा लगाकर शिक्षण कार्य करवाया गया। इससे आज कई गांव शत प्रतिशत साक्षर हुए हैं। किरतान, शाहपुर, लुदास, ढाणी महोब्बतपुर, मात्रश्याम, सीसवाला, गंगवा, ढाणी दरियापुर, सलेमगढ़, खारिया सहित कई गांव से लगभग 1600 महिलाओं को साक्षर किया। संवाद
शिक्षा और परिवार की स्थिति
प्राध्यापक प्यारेलाल ने बताया कि उनका पैतृक गांव भिवानी जिले में दरियापुर ढाणी है। उन्होंने हिसार जाट कॉलेज से बीकॉम की। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से एमकॉम की। जर्मन भाषा से डिप्लोमा कोर्स किया। यूजीसी नेट क्वालीफाई किया। प्यारेलाल ने बताया कि 1999 में वे स्कूल शिक्षा विभाग में बतौर कॉमर्स लेक्चरर भर्ती हुए। उनके पिता हरिसिंह सेना से सेवानिवृत्त सूबेदार हैं। प्राध्यापक प्यारेलाल की बेटी कार्तिका एमए अंग्रेजी की पढ़ाई कर रही है।
प्राध्यापक द्वारा किए जनहित के कार्यों का समाज पर प्रभाव
प्राध्यापक प्यारेलाल द्वारा चलाए गए साक्षरता अभियान के तहत कई गांव की साक्षरता दर में वृद्धि हुई है। महिलाएं शिक्षित होकर अपने आप को गर्व महसूस कर रही है और उनके आत्म विश्वास में वृद्धि हुई है। महिलाएं पढ़ाई करने के बाद अपने विरुद्ध होने वाले किसी भी प्रकार के शोषण के खिलाफ आवाज उठाने लगी हैं।
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महिलाओं ने अपना व्यवसाय शुरू कर आत्मनिर्भर बन परिवार की आर्थिक हालात को सुधारा है। कई ड्राप आउट महिलाओं ने अपनी शिक्षा पूरी की है। बेटी बचाओ जन जागरण अभियान की शुरुआत की। उन्होंने स्वच्छता अभियान चलाकर लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया। योग कक्षाओं के माध्यम से महिलाओं व बुजुर्गों को तनाव मुक्त रहने, चिंता, चिड़चिड़ापन, थकान की समस्या से निजात दिलवाई। युवाओं को मतदान के प्रति जागरूक किया। दिव्यांग बच्चों के लिए जागरूकता अभियान चलाया।
प्राध्यापक प्यारेलाल को मिल चुका सम्मान
- वर्ष 2021 में राष्ट्रपति अवॉर्ड से नवाजे गए।
- वर्ष 2016 में ग्राम पंचायत किरतान द्वारा श्रेष्ठ सेवा पुरस्कार दिया गया।
- वर्ष 2015 में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग हरियाणा सरकार द्वारा श्रेष्ठ कर्मचारी पुरस्कार दिया गया।
- वर्ष 2015 में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग दिल्ली द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर जीजाबाई अवॉर्ड दिया गया।
- वर्ष 2014 में जिला प्रशासन द्वारा जिला स्तर पर गणतंत्र दिवस पर ऐप्रिशिएशन सर्टिफिकेट दिया गया।
- माई एफएम द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर जिओ दिल से अवॉर्ड दिया गया।
- वर्ष 2014 में राह ग्रुप फाउंडेशन द्वारा श्रेष्ठ अध्यापक अवॉर्ड दिया गया।
- भारत विकास परिषद वीर शाखा हिसार द्वारा आदर्श शिक्षक सम्मान दिया गया।
- हरियाणा शिक्षा परियोजना हिसार जिला स्तर पर नामांकन एवं सामुदायिक चेतना पुरस्कार दिया गया।
- वर्ष 2013 में प्राणनाथ प्रणामी फाउंडेशन द्वारा प्राणनाथ प्रणामी अवॉर्ड दिया गया।
- वर्ष 2013 में चाइल्ड रिच इंटर नेशनल इंडिया द्वारा अवॉर्ड दिया गया।
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