हिसार। बंदरों के उत्पात से परेशान शहरवासियों के लिए राहत की खबर है। नगर निगम ने बदरों को पकड़ने के लिए एजेंसी तय कर प्रति बंदर के हिसाब से 1550 रुपये में ठेका दिया है। वर्क ऑर्डर मिलने के बाद एजेंसी शहर के अलग-अलग इलाकों में पिंजरे रखकर बंदरों को पकड़ने का काम शुरू कर देगी।
नगर निगम ने बंदर पकड़ने के लिए पिछले दिनों टेंडर लगाया था, लेकिन एक ही एजेंसी ने आवेदन किया था। इस एजेंसी ने 1880 रुपये प्रति बंदर के हिसाब से रेट मांगे। मगर निगम ने इसे ज्यादा बताते हुए एजेंसी को मोलभाव के लिए बुलाया। बातचीत के बाद आखिर 1550 रुपये प्रति बंदर के हिसाब से सहमति बन गई। इससे पहले लगाए गए टेंडर में एजेंसी ने कुछ दिन काम करने के बाद बंद कर दिया था। निगम ने एजेंसी को नोटिस भी दिए गए, फिर भी काम शुरू नहीं किया। इस पर टेंडर रद्द कर दिया गया। इसके बाद दोबारा टेंडर लगाया गया। आवेदन करने वाली एजेंसी ने 2500 रुपये प्रति बंदर के हिसाब से रेट मांगे, जिस पर निगम अधिकारियों ने सहमति नहीं जताई। पकड़े गए बंदरों को नूंह जिले के फिरोजपुर झिरका के जंगलों में छोड़ा जाएगा।
कुत्तों के बधियाकरण करने वाली एजेंसी ने लगाए पिंजरे
शहर में आवारा कुत्तों के टीकाकरण व बधियाकरण करने के लिए एजेंसी ने स्लाटर हाउस में पिंजरे की व्यवस्था कर दी है। अब एजेंसी पशु कल्याण बोर्ड की अनुमति लेने के लिए आवेदन करेगी। अनुमति मिलने के बाद काम शुरू कर सकेगी। शहर से पकड़कर लाए गए कुत्तों को इन्हीं पिंजराें में रखा जाएगा और फिर टीकाकरण व बधियाकरण किया जाएगा। इसके बाद इन कुत्तों को उसी जगह छोड़ दिया जाएगा, जहां से इन्हें पकड़ कर लाया गया था। एजेंसी को करीब पांच हजार कुत्तों का टीकाकरण व बधियाकरण करना है।