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Hisar News: 5जी मशीनों से बदलेगी राशन वितरण व्यवस्था, अब आई स्कैन से भी मिलेगा अनाज

Tue, 19 May 2026 11:35 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
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नए इलेक्ट्रॉनिक कांटे।
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हिसार। जिले में राशन वितरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और तेज बनाने के लिए खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने डिपो धारकों को 5जी सिम आधारित आधुनिक पीओएस मशीनें और इलेक्ट्रिक कांटे वितरित किए हैं। नई मशीनों में उपभोक्ताओं को अब अंगूठे के निशान के साथ आई स्कैन के जरिए भी पहचान दर्ज कराने की सुविधा मिलेगी।
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जिले के 673 राशन डिपो के माध्यम से 2 लाख 88 हजार 643 उपभोक्ताओं को राशन वितरित किया जाता है। अब तक 2जी मशीनों से राशन वितरण होने के कारण प्रक्रिया धीमी रहती थी। नई मशीनों को इलेक्ट्रिक कांटों से जोड़ा गया है, जिससे एक-एक ग्राम अनाज का रिकॉर्ड दर्ज होगा। यदि किसी उपभोक्ता को तय मात्रा से 10 ग्राम कम या ज्यादा राशन दिया गया तो मशीन में पेंडेंसी दिखाई देगी। यह पेंडेंसी तब तक समाप्त नहीं होगी, जब तक पूरा राशन उपभोक्ता को नहीं मिल जाता।
ढंढूर स्थित खाद्य आपूर्ति विभाग कार्यालय में डिपो धारकों को मशीनें वितरित करने के साथ प्रशिक्षण भी दिया गया। मशीन चालू होने में चार से पांच मिनट लगते हैं। इसके बाद अंगूठा, उंगली या आई स्कैन के जरिए पहचान दर्ज होने पर मशीन में संबंधित परिवार के हिस्से का राशन प्रदर्शित हो जाएगा। इसके अनुसार इलेक्ट्रिक कांटा निर्धारित वजन बताएगा और उतना ही राशन वितरित किया जा सकेगा।
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महेंदी लगे हाथ होने पर भी नहीं रुकेगा राशन
नई मशीनों में आई स्कैन की सुविधा जोड़ी गई है। ऐसे में यदि किसी उपभोक्ता के हाथ में महेंदी लगी होने या अन्य कारणों से अंगूठे के निशान दर्ज नहीं हो पाते तब भी वह आंखों की स्कैनिंग से अपनी पहचान सत्यापित कर राशन प्राप्त कर सकेगा।

जिले में राशन डिपो धारकों को नई 5जी मशीनें वितरित कर दी गई हैं। इससे राशन वितरण पहले की तुलना में अधिक तेज और पारदर्शी होगा। पहले 2जी मशीनों के कारण काम धीमी गति से होता था।
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- अमित शेखावत, जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक, हिसार।
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