बोले सो निहाल सत् श्री अकाल’, ;वाहे गुरु जी का खालसा वाहे गुरुजी की फतेह’ जैसे जयकारे गुरुद्वारा नागोरी गेट के प्रांगण में प्रबंधक कमेटी, गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा द्वारा हरियाणा के इतिहास में गेल्वनाइज्ड धातु से निर्मित 30 क्विंटल व 175 फुट लंबे निशान साहिब के लोकार्पण के अवसर संगतों के बीच गूंजते रहे।
रमिन्द्र सिंह शंटी ने बताया कि हरियाणा के इतिहास में पहला निशान साहिब होगा जो सबसे बड़ा होगा। निशान साहिब का प्रयोग मुगलों के समय फौज का मनोबल बढ़ाने के लिए होता था और यह सिक्खी के एक जीवंत प्रतीक के रूप में माना जाता है। हिसार गुरुद्वारा में स्थापित निशान साहिब हाइड्रोलिक सिस्टम पर आधारित है जो चोला साहिब चढ़ाने के लिए नीचे आ जाएगा व चोला साहिब चढ़ने पर पुन: स्थापित हो जाएगा। कार्यक्रम के दौरान संगतों पर हेलीकॉप्टर से पुष्पों की वर्षा होती रही जो आकर्षण का केंद्र रही। इसके अलावा जसवंत सिंह, सुखविन्द्र सिंह, हरमिन्द्र सिंह टक्कर, बाबा सतनाम सिंह, कुलविन्द्र सिंह गिल ने नागोटी गेट स्थित दो मंजिले गुरुनानक निवास का लोकार्पण भी किया। गुरुघर में लंगर तैयार करने के लिए पंजाब से ऑटोमेटिक चपाती मशीन भी मंगवा ली गई है जो एक घंटे में 1100 चपाती तैयार कर देगी।
प्रकाश पर्व को यादगार बनाते हुए दरबार साहिब अमृतसर से पहुंची पालकी साहिब में गुरु ग्रंथ साहिब को विराजमान कर पंच प्यारों की अगुवाई में नगर कीर्तन को रवाना किया गया। सायं नगर कीर्तन वापस गुरुद्वारे पहुंचा जहां बधाई के शब्द गाए गए। गुरु की अरदास के साथ प्रसाद वितरण किया गया। नगर कीर्तन की अगुवाई कर रही गोल्डी वीर, भाई धनैया सेवा दल व रंजीत अखाड़ा फतेहाबाद गतका टीम के सदस्यों ने अपने जौहर दिखाए जिसे देखकर सभी लोग आश्चर्यचकित रह गए।