हांसी। बीड फार्म स्थित 17 एकड़ भूमि में बने डंपिंग स्टेशन में ठोस कचरा प्रबंधन के लिए सोमवार को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) में सुनवाई हुई। कोर्ट ने नगर परिषद हांसी को डंपिंग स्टेशन पर व्यवस्था सुधारने के लिए दो महीने का समय दिया है। इस अवधि में परिषद को कचरे के निस्तारण की व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी और यह भी देखना होगा कि डंपिंग स्टेशन से कचरा बाहर न जाए।
एनजीटी ने नगर परिषद को एक महीने के भीतर अंतरिम रिपोर्ट देने के निर्देश भी दिए हैं, जिसमें यह बताया जाएगा कि वहां कचरा निस्तारण के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं। इसके बाद कोर्ट अगली सुनवाई में आगे के आदेश जारी करेगी। इस मामले में आसपास के किसानों और पांच गांवों के निवासियों ने डंपिंग स्टेशन से फैल रहे प्रदूषण और खेतों में जा रहे कचरे की शिकायत की थी।
सुनवाई के दौरान नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी डॉ. सुरेश चौहान, एक्सईएन विक्की कुमार तथा हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी (वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से) उपस्थित रहे। वहीं नगर परिषद के सफाई निरीक्षक संजय कुमार और अन्य कर्मचारी डंपिंग स्टेशन स्थल पर मौजूद रहे।
नगर परिषद का पक्ष
नगर परिषद ने कोर्ट में बताया कि डंपिंग स्टेशन के आसपास केवल खेत हैं और गांव वहां से लगभग पांच किलोमीटर दूर हैं। परिषद ने यह भी कहा कि कचरा स्टेशन की सीमा के भीतर ही डाला जा रहा है। परिषद के अनुसार डंपिंग स्टेशन में जमा कचरे के निस्तारण के लिए दो दिन पहले टेंडर जारी किया गया है, जिसकी प्रक्रिया एक महीने में पूरी हो जाएगी। इसके बाद निस्तारण का कार्य प्रारंभ होगा।
किसानों की शिकायत पर परिषद ने बताया कि कचरे को खेतों में जाने से रोकने के लिए अस्थायी मिट्टी का टिल्ला बनाया जाएगा, क्योंकि चहारदीवारी के निर्माण में समय लगेगा। इससे किसानों को तुरंत राहत मिल सकेगी।
जुर्माना और भविष्य की योजना
नगर परिषद ने बताया कि बीड फार्म डंपिंग स्टेशन में पहले से जमा कचरे के निस्तारण पर 66 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। भविष्य में हिसार में बनने वाले कचरा निस्तारण क्लस्टर में नया कचरा भेजा जाएगा।
गौरतलब है कि हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड पहले ही कचरा प्रबंधन में लापरवाही बरतने पर नगर परिषद पर 67 लाख रुपये का जुर्माना लगा चुका है, जो 1 अप्रैल 2020 तक की अवधि के लिए प्रति माह एक लाख रुपये की दर से लगाया गया था।
एनजीटी ने नगर परिषद को दो महीने का समय दिया है। इस दौरान डंपिंग स्टेशन में कचरे के निस्तारण और अन्य सुधारात्मक कदमों पर काम किया जाएगा। अगली सुनवाई 5 जनवरी 2026 को होगी।
- डॉ. सुरेश चौहान, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद हांसी।