हांसी। प्रेम नगर में रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) पर लगी स्ट्रीट लाइटें करीब एक वर्ष से खराब हैं। इसके रखरखाव को लेकर कोई भी विभाग जिम्मेदारी नहीं ले रहा है। लाइटों को लेकर लोकनिर्माण विभाग, नगर परिषद उलझी हुई है। दोनों ही एक दूसरे पर इसके रखरखाव की जिम्मेदारी डाल रहे हैं।
आरओबी पांच वर्ष पहले बनकर तैयार हुआ था। यहां आरओबी के दोनों तरफ स्ट्रीट लाइटें लगाई गई थी। पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने इसका शुभारंभ किया था। उस समय लोकनिर्माण विभाग के पास ही इसकी जिम्मेदारी थी, लेकिन अब यहां पर एक वर्ष से स्ट्रीट लाइटें बंद है। स्ट्रीट लाइटों को लेकर कोई भी विभाग अपना दावा नहीं कर रहा है। लोकनिर्माण विभाग का कहना है कि नगर परिषद इसकी देखरेख करेगी। वहीं नगर परिषद कहता है कि लाइटें हमारे अधीन नहीं है। प्रेम नगर गांव हैं, आरओबी का एक हिस्सा गांव में भी आता है। ग्राम पंचायत का भी कहना है कि लाइटें उनके अधीन भी नहीं हैं। ऐसे में रखरखाव का पेंच फंसा हुआ है, लेकिन इसकी वजह से आमलोग परेशानी उठा रहे हैं। लोगों का कहना है कि रात के समय यहां अंधेरा पसरा रहता है, जिससे हादसा होने का डर बना रहता है। वाहन चालकों को भी परेशानी होती है।
स्ट्रीट लाइटें करीब एक वर्ष से बंद हैं। इसके लिए हमने कई बार अधिकारियों से मिले, उन्हें मांग पत्र भी दिया, लेकिन किसी भी विभाग ने इस पर संज्ञान नहीं लिया है। आरओबी पर अंधेरे से ग्रामीण परेशान हैं। - सुनील मजोका, प्रधान, जय हिंद रिक्शा यूनियन।
-आरओबी पर स्ट्रीट लाइटें बंद होने से अंधेरा रहता है। अंधेरे के कारण हादसे होते रहते हैं, लेकिन इस पर कोई संज्ञान नहीं ले रहा है। प्रशासन को इस मामले में देखना चाहिए। नहीं तो किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है। - आशीष प्रजापति, ग्रामीण, प्रेम नगर।
-स्ट्रीट लाइटों का रखरखाव नहीं हो रहा है। इसके लिए मैं कई बार लोकनिर्माण विभाग व नगर परिषद के अधिकारियों से मिला हुं। नगर परिषद के अधिकारी कहते हैं कि उनके पास इसे टेकओवर करने के लिए कोई लेटर नहीं आया है। - अरविंद, सरपंच, प्रेम नगर।
आरओबी चालू होने के एक वर्ष के बाद ही स्ट्रीट लाइटें नगर परिषद को हैंडओवर कर दी गई थी। इसकी जिम्मेदारी उन्हीं के पास है। वहीं इसे ठीक करवाएंगे।- सत्यवान, जेई, इलेक्ट्रिकल विंग, लोक निर्माण विभाग।