हिसार। जिला नागरिक अस्पताल को नए भवन की घोषणा के दो साल बाद भी जमीन का इंतजार है। जिला प्रशासन की तरफ से जीएलएफ की 22 एकड़ जमीन स्वास्थ्य विभाग के नाम हस्तांतरित करने के प्रस्ताव पर अब तक मुहर नहीं लगने से यह परियोजना मूर्त रूप नहीं ले सकी है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि जिस दिन जमीन हस्तांतरण का प्रस्ताव पास हो जाएगा नए भवन निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। उधर, टीबी अस्पताल के नए भवन के निर्माण के लिए भी पुरातत्व विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) नहीं मिल पा रहा है।
जिला नागरिक अस्पताल का भवन छह दशक से ज्यादा पुराना है। यह भवन पुरातत्व विभाग के प्रतिबंधित क्षेत्र में आने के कारण किसी भी तरह का निर्माण नहीं किया जा सकता लेकिन मरीजों की बढ़ती तादाद को देखते हुए पुराना भवन छोटा पड़ने लगा है। कई तरह की चिकित्सा सेवाएं शुरू नहीं की जा सकी हैं। इसे देखते हुए अस्पताल को शिफ्ट करने की योजना तैयार की गई।
दो साल पहले जगह की गई थी फाइनल
जिला नागरिक अस्पताल को शिफ्ट करने की तैयारी वर्ष 2019 में शुरू हो गई थी लेकिन वर्ष 2025 में अस्पताल के नए भवन के लिए जमीन फाइनल कर ली गई। जून 2025 में तत्कालीन कैबिनेट मंत्री डॉ. कमल गुप्ता ने अस्पताल के नए भवन के निर्माण की घोषणा की। उन्होंने कहा था कि शहर के स्काडा जलघर के पास 52 एकड़ जमीन चिह्नित की गई है जहां अस्पताल के साथ-साथ बस अड्डे का भी निर्माण किया जाएगा। गुप्ता ने दावा किया था कि दो माह में दोनों विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखी जाएगी।
वर्तमान में नागरिक अस्पताल की स्थिति
एरिया - 20 एकड़ 4 कनाल 8 मरला
बेड की स्थिति - 200
अस्पताल का निर्माण - पहला ब्लॉक वर्ष 1957 और दूसरा ब्लॉक वर्ष 1974 में बना
प्रतिदिन ओपीडी की संख्या - 1500 से ज्यादा
जमीन स्वास्थ्य विभाग के नाम करने की फाइल उपायुक्त कार्यालय के माध्यम से विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को भेजी जा चुकी है। फाइल पर मुहर लगने के बाद ही ड्राइंग और एस्टीमेट बनाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
- डॉ. सपना गहलावत, सिविल सर्जन
टीबी अस्पताल के लिए नहीं मिल पा रही एनओसी
टीबी अस्पताल के नए भवन का भी निर्माण किया जाना प्रस्तावित है, लेकिन इसके लिए पुरातत्व विभाग की एनओसी की जरूरत है। पीडब्ल्यूडी बीएंडआर के अनुसार, पुरातत्व विभाग से एनओसी नहीं मिल पा रही है। हालांकि पुरातत्व विभाग मौखिक रूप से यह बता चुका है कि वर्तमान में बना हुटीबी अस्पताल विभाग के प्रतिबंधित क्षेत्र से बाहर है। बीएंडआर की तरफ से टीबी अस्पताल की ड्राइंग भी तैयार करवाई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग के निर्देशानुसार बीएंडआर ने एक ड्राइंग तैयार करवाई थी जिसमें बेसमेंट का भी प्रावधान किया गया था। चूंकि इस जगह भूजल स्तर काफी ऊपर है इसे देखते हुए बीएंडआर ने स्वास्थ्य विभाग को बेसमेंट का निर्माण न करवाने का सुझाव दिया है। अभी तक स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने इस पर अपनी सहमति नहीं दी है। पुरातत्व संरक्षण विभाग के वरिष्ठ संरक्षण अधिकारी अरुण सिंह का कहना है कि टीबी अस्पताल के लिए संबंधित विभाग को पंचकूला स्थित कार्यालय में आवेदन करना होगा। वहीं, पीडब्ल्यूडी बीएंडआर के एक्सईएन गौरव जैन ने बताया कि पुरातत्व विभाग को एनओसी देने को कहा गया है लेकिन वह आनाकानी कर रहे हैं। इस वजह से प्रोजेक्ट को सिरे चढ़ाने में देरी हो रही है।