हमें अटैक और डिफेंस को ज्यादा मजबूत बनाना होगा, तभी हम प्रतिद्वंद्वी टीम पर दबाव बना पाएंगे। साथ ही अभ्यास पर ज्यादा से ज्यादा फोकस करना होगा। सबसे जरूरी है कि खिलाड़ियों को ग्रामीण स्तर से ही सुविधाएं मिलनी चाहिए। खिलाड़ियों के अभ्यास के साथ-साथ उनकी डाइट भी महत्वपूर्ण है। - हरभजन सिंह, प्रभारी, साई सेंटर हिसार।
डिफेंस में काफी गलतियां सामने आई हैं। अटैकिंग हॉकी पर फोकस करने के साथ-साथ डिफेंस को और भी मजबूत करना होगा। इसके अलावा पेनल्टी कॉनर्र पर एक ड्रैग फ्लिकर तैयार करने की जरूरत है। अभी से हम प्लानिंग कर अभ्यास करेंगे तो अगले ओलंपिक में पदक के दावेदार होंगे। - आजाद मलिक, सीनियर हॉकी कोच।
स्पीड के साथ अटैक टारगेट पर नहीं हो रहा था। इसी कारण टीम को अटैक का खामियाजा भुगतना पड़ा। इसके अलावा सरकार की ओर से खिलाड़ियों की सुविधाएं और भी बढ़ाने की जरूरत है, तभी खिलाड़ी प्रदर्शन में सुधार कर पाएंगे। - राजेंद्र सिहाग, सीनियर हॉकी कोच
फारवर्ड लाइन में खिलाड़ियों की फिनिशिंग कम थी। ऐसे में स्कोर नहीं निकाल पाए। हालांकि पूरी टीम ने बेहतर प्रदर्शन किया। अगले ओलंपिक के लिए अभी से खिलाड़ियों को तैयारी में जुटना होगा। - प्रवीणा सिहाग, हॉकी कोच।
पूरी टीम ने मैच अच्छा खेला, मगर अटैक करने के लिए कड़े अभ्यास की जरूरत है। डिफेंस में हुई गलतियां सुधारनी होंगी। पूरी प्लानिंग के साथ प्रैक्टिस करने की जरूरत है। - रेखा, नेशनल हॉकी खिलाड़ी