हिसार। हरियाणा राज्य सेवा आयोग ने सेवा का अधिकार कानून (राइट टू सर्विस एक्स) के तहत हिसार तहसील के नायब तहसीलदार पर समयबद्ध सेवाएं न देने पर 5 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
आयोग ने हिसार डीसी को नायब तहसीलदार के अप्रैल माह के वेतन से यह राशि काटकर राज्य कोष में जमा कराने और 5 हजार रुपये का मुआवजा शिकायतकर्ता को देने के निर्देश दिए हैं। मामला हिसार के गांव बीड़ में भूमि हस्तांतरण एवं म्युटेशन प्रक्रिया में हुई देरी से संबंधित है।
आयोग के प्रवक्ता ने बताया कि हिसार निवासी सुमेधा जिंदल की शिकायत पर सुनवाई करते हुए आयोग ने पाया कि नायब तहसीलदार नवदीप की ओर से दी गई जानकारी तथ्यों के विपरीत थी। उन्होंने यह कहा था कि दि हिसार एनिमल हसबैंड्री को-ऑपरेटिव हाउस बिल्डिंग सोसायटी लिमिटेड के नाम भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया जून 2024 से शुरू होकर अक्तूबर 2024 में पूर्ण हुई, जबकि उस अवधि में वास्तव में केवल कुछ ही विक्रय विलेख हुए थे।
राज्य सेवा आयोग ने नायब तहसीलदार नवदीप को सेवा में लापरवाही और शिकायतकर्ता को उत्पीड़ित करने का दोषी मानते हुए हरियाणा राइट टू सर्विस एक्ट, 2014 की धारा 17(1)(एच) के तहत 5 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।