सर्व कर्मचारी संघ से संबंधित नगर पालिका कर्मचारी संघ मांगों को लेकर बुधवार से दो दिन तक हड़ताल पर रहेंगे। यूनियन के पदाधिकारियों ने कहा है कि हड़ताल के दौरान कोई भी सफाई कर्मचारी शहर में सफाई नहीं करेंगे। कर्मचारियों की हड़ताल से शहर में त्योहार पर सफाई को लेकर बड़ा संकट पैदा हो सकता है। मंगलवार को भी नगर पालिका कर्मचारी यूनियन व सर्व कर्मचारी संघ से संबंधित यूनियनों के साथ मिलकर मुलतानी चौक से लेकर बाजारों में मशाल जुलूस निकाला। जुलूस का नेतृत्व ब्लॉक प्रधान दीपक लोट ने किया व संचालन ब्लॉक सचिव अशोक सैनी ने किया।
नगर पालिका कर्मचारी संघ के स्टेट वाइस प्रेसिडेंट अशोक बोहत ने बताया कि सफाई कर्मचारी व ऑफिस स्टाफ सुबह आठ बजे कार्यालय में एकत्रित होगा। शहर में दो दिन तक सफाई का काम बंद रहेगा। विरोध स्वरूप कार्यालय के कर्मचारी भी कोई काम नहीं करेंगे। इसको लेकर नगर निगम कार्यालय में मंगलवार डेढ़ बजे निगम कर्मचारियों की बैठक हुई। वाइस प्रेसिडेंट ने बताया कि बैठक में फैसला लिया गया कि कोई भी कर्मचारी काम पर नहीं जाएगा।
कर्मचारियों की हड़ताल के समर्थन में सकसं ने निकाला मशाल जुलूस
हिसार। नगर निगम, नगर परिषद, नगर पालिका कर्मचारियों, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन परियोजना में कार्यरत कर्मचारियों की ज्वलंत मांगों के समाधान की मांग को लेकर की जा रही हड़ताल के समर्थन में सर्व कर्मचारी संघ से संबंधित यूनियनों के कर्मचारी मंगलवार शाम पांच बजे भारी संख्या में स्थानीय मुल्तानी चौक पार्क में एकत्रित हुए और मशाल जुलूस निकाला।
ये बोले वक्ता
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान भाजपा सरकार लगातार अपनी मांगों के समाधान को लेकर आंदोलनरत कर्मचारियों की मांग, मुद्दों को हल करने की दिशा में कोई सकारात्मक पहल नहीं कर रही, जिससे राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन परियोजना व नगर पालिका कर्मचारी 25 अक्तूबर से अनिश्चितकालीन तथा 26-27 अक्तूबर की 48 घंटे की प्रदेश व्यापी हड़ताल कर रहे हैं। बार-बार प्रदेश सरकार द्वारा आंदोलन के दबाव में बातचीत में सहमति के बाद भी मांगों को लागू करने में आनाकानी की जा रही है।
ये हैं मांगे
उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में कर्मचारियों से किए गए वायदों के अनुसार कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जाए, खाली पदों पर स्थायी भर्ती की जाए, समान काम-समान वेतन दिया जाए, श्रम कानूनों को सख्ती से लागू किया जाए, पूंजीपतियों के हक में बनाई जा रही नीतियों पर रोक लगाई जाए, ठेका प्रथा व निजीकरण पर रोक लगाई जाए, छठे वेतन आयोग की विसंगतियों को दूर करते हुए सातवें वेतन आयोग को लागू किया जाए।
ये रहे मौजूद
इस मौके पर सुरेंद्रमान, अनिल शर्मा, जयवीर मोर, नकुल सिंह, रणवीर रावत, नरेश कांगड़ा, राजेश बागड़ी, सूरजप्रकाश भाटिया, सोना देवी, अनवर बेग, नूर मोहम्मद, सुशील कुमार, महेंद्र छिछोलिया, मा. पवन कुमार, चंद्रप्रकाश नागर, राजकमल सोलंकी, सुनील शर्मा, प्रदीप कुमार मौजूद थे।