काले धन पर शिकंजा कसने का असर निगम में दिखने लगे हैं। नगर निगम में हाल ही में दो नए टेंडर खुले हैं। इनमें माइनस रेट 2 प्रतिशत तक गए हैं। हालांकि अधिकतम रेट 13 प्रतिशत माइनस में गए हैं। इस बार इतना कम माइनस रेट भरे जाने पर अधिकारी भी हैरान हैं। अधिकारियों का कहना है कि 20 प्रतिशत से अधिक माइनस में जाने वाले टेंडर इस बार कम माइनस रेट में खुले हैं। कम माइनस रेट में टेंडर खुलने से वर्क में क्वालिटी आने की संभावना बढ़ जाती है।
कम माइनस रेट में खुले फिलहाल दो टेंडर में एक 9 लाख रुपये का काम एक इंटर लॉकिंग गली निर्माण का है। दूसरा काम कबीर धर्मशाला का है। इसमें करीब सवार तीन लाख रुपये से निर्माण कार्य होना है। ये सभी काम डी प्लान की ग्रांट से होंगे। डी प्लान की ग्रांट से नगर निगम ने टेंडर लगाए हैं।
इससे पहले नगर निगम द्वारा लगाए गए टेंडर 29.29 प्रतिशत माइनस में खुले थे। इतने अधिक माइनस में टेंडर खुलने के बाद अधिकारी चौंक गए थे। हालांकि ठेकेदारों में काम को लेकर माइनस रेट में टेंडर भरने की होड़ सी लग गई थी।
अब माइनस रेट घटा है। ये कालाधन पर शिकंजा है ये हम नहीं कह सकते। मगर पिछले टेंडरों की बजाए अभी तक सबसे कम माइनस रेट में ये टेंडर छूटे हैं।
- अनिल कुमार, जेई नगर निगम