शहर को पशु मुक्त करने के लिए बनाए जाने वाले अभयारण्य को लेकर नगर निगम ने एस्टीमेट बनाना शुरू कर दिया है। नगर निगम की टेक्निकल ब्रांच को पहले फेज में 12 एकड़ पर चारदीवार, एक शेड व पशुओं के पानी पीने नालियां बनाने के लिए अधिकारियों ने निर्देश दिए हैं। जल्द ही एस्टीमेट बनाकर नगर निगम मंजूरी के लिए भेजेगा इसके बाद काम शुरू होनेे की उम्मीद है। प्रशासन से निगम को डी प्लान की ग्रांट से कुछ पैसा अभयारण्य पर खर्च करने के लिए मिलेगा।
निगम की टेक्निकल विंग पहुंची मौके पर
निगम की टेक्निकल विंग हाल ही में ढंढूर के नजदीक स्थित अभयारण्य की चिह्नित की गई 50 एकड़ जमीन पर पहुंची। टीम ने मौका मुआयना कर पहले 12 एकड़ जमीन का एस्टीमेट बनाने के संबंध में काम शुरू कर दिया। एस्टीमेट के लिए पैमाइश की गई। मौके पर जेई अनिल कुमार, लैंड ऑफिसर प्रवीन कुमार ने मुआयना किया।
दूसरे फेज में होगा बकाया काम
अधिकारियों का कहना है कि पहले फेज में 12 एकड़ जमीन के चारों और बाउंडरीवाल निकाली जाएगी। एक पॉकेट में ही पूरा काम होगा, जिसमें पशुओं के लिए शेड बनाना व पशुओं के पानी पीने के लिए नालियां बनेगी। इसके बाद दूसरे फेज में बाकी बकाया जमीन पर अभयारण्य को लेकर निर्माण होगा।
हाल ही में गोशालाओं से भी हुई थी मीटिंग
हाल ही में गोशाला संचालकों से जिला प्रशासन ने मीटिंग की थी। शहर में घूम रहे लावारिस पशुओं को शहर से हटाने के लिए सरकार ने गोशाला संचालकों के साथ भी मीटिंग की थी। मीटिंग में प्रशासन ने गोशाला संचालकों को कुछ गाय अपनी गोशाला में रखने बारे कहा था। कुछ गोशालाओं ने अपने यहां गाय रखी भी हैं।
पहले हमें 12 एकड़ जमीन की चारदीवारी, एक शेड व पशुओं के पानी पीने के लिए नालियां बनाने के एस्टीमेट बनाने के निर्देश मिले हैं। कुछ ग्रांट डी प्लान से दिए जाने की बात की जा रही है। कितना पैसा मिलेगा अभी यह साफ नहीं।
- रामजीलाल, एक्सईएन नगर निगम