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निगम ने बनवाया नक्शा, टीम ने दिए सुझाव

Wed, 23 Mar 2016 01:32 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला , हिसार
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हिसार नगर निगम - फोटो : demo
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गौ अभयारण्य बनाने के लिए डीसी ने नगर निगम अधिकारियों को एस्टीमेट बनाने के आदेश दिए हैं। गौ अभयारण्य के लिए गठित कमेटी ने शहर व इसके आसपास कई गौशालाओं का दौरा करने के बाद गौ अभयारण्य बनाने व इसके स्ट्रक्चर के लिए सुझाव दिए हैं। उन्हीं सुझावों के आधार पर निगम अभियंता इसका एस्टीमेट तैयार करने के लिए लगे हुए हैं। एस्टीमेट दो से तीन दिन के अंतराल में तैयार हो जाएगा। जिसे नगर निगम कमिश्नर को दिखाने के बाद ही फाइनल माना जाएगा।
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गौशालाओं, पशु बाड़ों का किया दौरा
डीसी एवं नगर निगम कमिश्नर चंद्रशेखर के निर्देश पर सचिव वीरेंद्र सिंह के नेतृत्व में गठित एक टीम ने कई गौशालाओं का दौरा किया था। टीम ने गांव डोभी, काबरेल, अग्रोहा गौशाला की निरीक्षण करने के बाद गौ अभयारण्य बनाने के सुझाव पेश किए। 50 एकड़ जमीन में गायों के लिए क्या क्या सुविधाएं हो अधिकारियों ने उसकी फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार कर उसके आधार पर एस्टीमेट बनाने के निर्देश दिए गए हैं।

ये सुविधाएं होंगी
नगर निगम अधिकारियों की मानें तो 50 एकड़ जमीन पर निगम पशुओं को रखने के लिए शेड, खुले में रखने के लिए बाड़े, बाउंड्रीवाल, पशु अस्पताल, सूखे चारे के गोदाम, वाटर टैंक, ऑफिस, कर्मचारियों के क्वार्टर व सड़क बनाने का एस्टीमेट तैयार कर रहा है।
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नक्शा भी बनवाया
नगर निगम ने एस्टीमेट बनाने से पहले गौ अभयारण्य का एक नक्शा भी तैयार करवाया है। आर्कीटेक्चर ने 50 एकड़ जमीन के तीन अलग अलग टुकड़ों के हिसाब से यह नक्शा तैयार किया है। नक्शे के आधार पर अब अलग अलग स्ट्रक्चर का एस्टीमेट बनाया जा रहा है।

यह है स्टेटस
नगर निगम को जीएलएफ से 50 एकड़ जमीन मिलने की घोषणा हो चुकी है। जीएलएफ ने इसकी करीब 22 करोड़ रुपये कीमत बताई है। फिलहाल निगम ये रुपये देने में असमर्थ है। हाउस में एजेंडा पास कर सरकार से ये बजट मांगा गया है। ताकि निगम के नाम जमीन ट्रांसफर हो सके। हालांकि यह अलग बात है कि अभी तक यह प्रस्ताव में पास हुई मुख्य मांग उच्च अधिकारियों व सरकार तक नहीं पहुंची है।

एस्टीमेट तैयार किया जा रहा है। दो से तीन दिन के अंतराल में ये तैयार हो जाएगा। फिर इसे निगम कमिश्नर को दिखाया जाएगा। वहां से फाइनल होने के बाद इसका निर्माण शुरू हो जाएगा।
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- जगदीश, म्यूनिसिपल इंजीनियर, नगर निगम
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