हिसार। कोरोना संक्रमण ने कई लोगों को अपनी चपेट में लिया। कई लोगों का लगभग पूरा परिवार ही खत्म हो गया। ऐसा ही एक पीड़ित परिवार हिसार में सामने आया है। इस परिवार के मां-बेटा और पोते का कोरोना के चलते निधन हो गया।
सुंदर नगर में छह लोगों का हंसता-खेलता परिवार तीन लोगों की मौत के बाद सप्ताह के भीतर ही बिखर गया। 58 वर्षीय हरिश्चंद्र अपनी माता, पत्नी, बेटे, बहू और पोती के साथ यहां रहते थे। इस बीच हश्चिंद्र की 80 वर्षीय मां रेशमा, उनका 33 वर्षीय बेटा सुभाष और स्वयं हरिश्चंद्र कोरोना संक्रमित हुए। हरिश्चंद्र को शहर के निजी अस्पताल में दाखिल करवाया गया, जहां उपचार के दौरान 22 अप्रैल को उन्होंने दम तोड़ दिया। उसके बाद हरिश्चंद्र की माता रेशमा को हिसार नागरिक अस्पताल में दाखिल करवाया गया, जहां उपचार के दौरान 26 अप्रैल को उन्होंने दम तोड़ दिया। 33 वर्षीय बेटे सुभाष को अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में दाखिल करवाया गया, जहां उपचार के दौरान 29 अप्रैल को उसने भी दम तोड़ दिया।
परिवार में सास-बहू व पोती बचे
हरिश्चंद्र, सुभाष और रेशमा की मौत के बाद अब इस परिवार में मृतक हरिश्चंद्र की पत्नी रोशनी, मृतक सुभाष की पत्नी शर्मिला और उनकी चार वर्षीय बेटी परी ही बचे हैं। परिवार के लिए कमाने वाले दो पुरुष थे, दोनों की ही मौत हो जाने से परिवार पूरी तरह टूट चुका है। परिवार की आर्थिक स्थिति पूरी तरह बिगड़ चुकी है। रविवार को तीनों की मौत को एक माह होने के बाद रिश्तेदार इनके घर पर पहुंचे थे। यहां मौजूद रिश्तेदारों का कहना था कि प्रशासन की ओर से इन्हें अभी तक किसी प्रकार का सहयोग नहीं किया गया। न ही कोई आर्थिक तंगी को दूर करने के लिए भी संस्था या सामाजिक कार्यकर्ता ने रुचि दिखाई।