हिसार। 24 मई के घेराव को लेकर सोमवार को हिसार जिले के करीब दस से अधिक गांवों में पंचायतें हुईं, जिनमें घेराव के लिए हिसार पहुंचने का फैसला लिया गया। इसके अलावा जिले में चल रहे चारों टोल प्लाजा पर भी 24 के प्रदर्शन में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने का एलान किया गया।
किसान मोर्चा के सदस्य 24 के घेराव को लेकर लगातार जनसंपर्क अभियान चला रहे हैं। भाकियू के प्रदेश महासचिव दिलबाग हुड्डा लुदास ने कहा कि किसानों का व्यापक प्रदर्शन होगा। प्रदर्शन पूरी तरह से शांतिपूर्वक रहेेगा। किसान नेता अभिमन्यु कोहाड़ ने गांव मोठ, माढ़ा व राजपुरा में 24 मई को हिसार में होने वाले कार्यक्रम के लिए न्योता दिया। उन्होंने कहा कि किसान सीएम का विरोध करने जा रहे थे। पुलिस ने किसानों पर लाठियां बरसाई, आंसू गैस के गोले छोड़े, जिसमें काफी किसानों को चोटें आई हैं तो महिला किसान भी घायल हुई हैं। किसानों की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। यह आंदोलन केंद्र सरकार के खिलाफ है। प्रदेश सरकार बीच में आकर किसानों का उत्पीड़न करती है तो उसको भी सबक सिखाया जाएगा।
गांव सरसौद, बिचपड़ी व जेवरा की पंचायतों ने लिया निर्णय, लॉकडाउन का करेंगे विरोध
संवाद न्यूज एजेंसी
बरवाला। गांव सरसौद, बिचपड़ी व जेवरा के लोगों की एक महापंचायत गांव बिचपड़ी के विकास केंद्र में शनिवार शाम को चंद्रभान शर्मा की अध्यक्षता में हुई। संचालन राधा कृष्ण ने किया। पंचायत में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि तीनों गांव देश में चल रहे किसान-मजदूर आंदोलन के फैसले के अनुसार भाजपा व जजपा की सरकार के सभी मंत्रियों का विरोध करेंगे व 24 मई को हिसार में होने वाले प्रदर्शन में भी शामिल होंगे। लॉकडाउन के नियमों को अब नहीं मानेंगे।
ग्रामीणों ने कहा कि 16 मई को मुख्यमंत्री मनोहर लाल के इशारे पर आंसू गैस के गोले, रबड़ की गोलियां, पथराव व लाठीचार्ज करके सैकड़ों की संख्या में किसानों को चोटें पहुंचाई गई। किसान सरकार के खिलाफ असहयोग आंदोलन की घोषणा कर चुके हैं। तीनों गांव सरकार की सभी योजनाओं का विरोध करेंगे व गांव में सरकार के किसी कार्यक्रम को नहीं होने देंगे। जब तक किसानों पर दर्ज मामले वापिस नहीं हो जाते व तीनों काले कानून रद्द नहीं हो जाते तब तक सरकार के खिलाफ असहयोग आंदोलन तीनों गांव की तरफ से जारी रहेगा। गांव में सभी दुकानें खोली जाएंगी। पंचायत में राजू भगत सरसौद, किसान नेता नरेश भ्याण, धौला जेवरा, राजेश नंबरदार, बलजीत फौजी, सुजान जेवरा, सुखदेव, राधा कृष्ण, प्रधान रजत, सज्जन, कुलदीप, रामस्वरूप, सरदानंद राजली, रोहतास राजली, रीमन नैन, संदीप, सुनील, किताबा, सुदन, मामचंद, रिसाला, सतवीर, बलवान, सतबीर, सोमबीर, विजय, सुल्तान, संजय सहित काफी संख्या में महिलाएं भी मौजूद रही।
लांधडी टोल पर जताया आक्रोश
अग्रोहा। नेशनल हाईवे 9 पर स्थित लांधड़ी चिकनवास टोल पर कृषि कानूनों के विरोध में किसानों का धरना 149 दिनों से चल रहा है। धरने का नेतृत्व कर रहे किसान नेता महाबीर पूनिया, अमित ढाका श्यामसुख, महेंद्र सिंह मलिक, संदीप सिवाच, संदीप जांगड़ा ने कहा कि 24 मई को हिसार में प्रदर्शन करेंगे। किसान नेताओं ने कहा कि सरकार ने किसानों के अभी तक मुकदमे वापस नहीं लिए। चौधरीवास टोल पर हमारी मीटिंग में लिए निर्णय के अनुसार 24 को हिसार कमिश्नर का शांति पूर्वक घेराव करेंगे। जिसके लिए गांवों में जनसंपर्क अभियान चलाया जा रहा है। किसान नेता राजेश किरमारा ने कहा की कृषि कानूनों के विरोध में हमारी जंग जारी रहेगी।