माई सिटी रिपोर्टर
हिसार। चंडीगढ़ बम धमाके के आरोपी गांव देवां निवासी विनय कालवानी की मां शारदा सिरसा में जेल वार्डर के पद पर रहते हुए अपराधियों को सुधारने का काम कर रही है, पर उनका बेटा गांव के नशेड़ी युवाओं में संपर्क में आकर कब अपराध की राह पर चल पड़ा, पता नहीं चला।
नेशनल लेवल का कबड्डी खिलाड़ी रहे विनय को वर्ष 2022 में कई छात्र संगठनों ने मिलकर सर्व छात्र संगठन का प्रधान चुना था।
वर्ष 2022 में ही जाट कॉलेज के सामने एक छात्र पर लाठी से हमला करने के बाद उस पर हत्या के प्रयास का केस दर्ज किया गया था। इस मामले में उसे कुछ महीने जेल में रहना पड़ा। इसके बाद साइबर ठगी के मामले में पुलिस उसे गिरफ्तार करने पहुंची। विनय के पिता वेदप्रकाश खेतीबाड़ी करते हैं। मां पहले हरियाणा पुलिस में भर्ती हुई थी।
बाद में 1600 पुलिस कर्मियों की बर्खास्तगी में वह भी पुलिस सेवा से बाहर हो गई। करीब 12 साल बाद जेल वार्डर की नौकरी मिली। फिलहाल सिरसा जेल में तैनात हैं। उसके गांव के लोगों ने बताया कि नशे का जाल दिनोदिन फैल रहा है। 50 से अधिक युवा नशे की दलदल में हैं, जिसके चलते गांव में चोरी सहित अन्य अपराध बढ़ रहे हैं। नशेड़ी युवाओं की संगत में आने के बाद ही विनय गैंगस्टरों के संपर्क में आया।
ग्रामीण हैरान...गैंगस्टरों से कैसे जुड़े अजीत के तार
हांसी। सामान्य से दिखने वाले युवक अजीत, जिसके कंधों पर पूरे परिवार की जिम्मेदारी है, उसकी पहुंच कुख्यात गैंगस्टर गोल्डी बराड़ और उसके खास गुर्गों तक हो सकती है। इस पर उसके गांव खरड़ के लोगों को सहसा विश्वास नहीं हो रहा। शनिवार को गांव में लोग पुलिस मुठभेड़ में घायल अजीत सहरावत की करतूत की दबी जुबां में चर्चा करते रहे।
नाम न छापने की शर्त पर कुछ लोगों ने मुंह खोला। बताया कि अजीत पर छिटपुट मामले तो दर्ज हैं, पर प्रदेश की राजधानी में हाई सिक्योरिटी के बीच पॉश एरिया में बम धमाका किया है, इससे वे हैरान हैं। अधिकतर लोग तो उसे जानते तक नहीं।
ग्रामीणों ने बताया कि चंडीगढ़ में 26 नवंबर को दो बम धमाके करने की खबर पढ़ी थी, पर इसमें उनके गांव के लड़के का नाम आएगा, यह कभी नहीं सोचा था। 26 से पहले वह गांव में ही देखा गया और इसके बाद भी वह गांव में ही था। उसके चेहरे पर कोई असामान्य भाव नहीं थे। आम दिनों की तरह ही वह अपने दोस्तों, पड़ोसियों और गांव में जानकारों से मिलता रहा। अजीत कैसे गैंगस्टरों के संपर्क में आया, इसकी न परिवार के लोगों को और न ग्रामीणों को कोई जानकारी है।
लोगों ने बताया कि इससे पहले गांव में पुलिस तो आती रही है, पर अजीत के घर कभी नहीं आई। उन्हें तो शुक्रवार रात ही पता लगा कि वह इस मामले में आरोपी है और मुठभेड़ में घायल हो गया है। उन्हें विश्वास नहीं हो रहा कि अजीत चंडीगढ़ में इतनी बड़ी वारदात को अंजाम दे सकता है।