हिसार। पश्चिमी विक्षोभ के साथ-साथ मानसून प्रणाली भी राजस्थान के आसमान में सक्रिय बनी हुई है। इससे प्रदेश में झमाझम बारिश का दौर जारी है। मौसम विशेषज्ञ के अनुसार यह प्रणाली प्रदेश में 31 अगस्त तक बारिश कराती रहेगी।
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि एक पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों पर सक्रिय होने से व पश्चिमी उत्तरी राजस्थान पर एक चक्रवातीय क्षेत्र बनने से मानसून प्रणाली हरियाणा के सटे राजस्थान पर बनी हुई है। सोमवार को मानसून प्रणाली बीकानेर, जयपुर, आगरा, प्रयागराज, डाल्टनगंज, जमशेदपुर, दीघा से होकर दक्षिण-पूर्व की ओर बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पूर्व तक फैली रही। इसके अलावा एक और प्रणाली दक्षिण हरियाणा और संलग्न उत्तर पूर्वी राजस्थान पर बने ऊपरी हवा के चक्रवातीय क्षेत्र से दक्षिण उत्तर प्रदेश, उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश, उत्तरी छत्तीसगढ़, झारखंड से होकर उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी पर बने चक्रवातीय क्षेत्र के केंद्र तक बनी हुई है। इन सभी के संयुक्त प्रभाव से बारिश होती रहेगी। सोमवार को भी हरियाणा, एनसीआर व दिल्ली में अधिकतर स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हुई।
आगे ऐसा रहेगा मौसम
हरियाणा, एनसीआर व दिल्ली में अगले एक सप्ताह तक बारिश होने संभावना बन रही है। अगले 24-48 घंटों के दौरान उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में एक नया निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। साथ ही 27-28 अगस्त को एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों पर सक्रिय होने की वजह से मानसून प्रणाली हरियाणा, एनसीआर व दिल्ली पर पहुंच सकती है जिससे इन क्षेत्रों में माह के अंतिम सप्ताह के दिनों में लगातार बारिश होने की संभावना है।
यहां-यहां हुई बारिश
अंबाला-6.6 एमएम
हिसार-50.4 एमएम
करनाल-54.4 एमएम
नारनौल-38.0 एमएम
रोहतक-69.8 एमएम
सिरसा-38.0 एमएम
चरखी दादरी-0.5 एमएम
गुरुग्राम-26.0 एमएम
जींद-21.7 एमएम
कैथल-46.0 एमएम
नूंह-9.0 एमएम
पलवल-9.0 एमएम
रेवाड़ी-6.0 एमएम
सोनीपत-13.0 एमएम
फरीदाबाद-0.5 एमएम
पानीपत-2.0 एमएम
नोट-बारिश का यह आंकड़ा रविवार सुबह साढ़े 8 बजे से सोमवार शाम साढ़े 5 तक का है।