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हरियाणा में मानसून मेहरबान: बंगाल की खाड़ी व अरब सागर में कम दबाव के क्षेत्र बने, इस पूरे माह खूब बरसेंगे बदरा

Sat, 02 Aug 2025 09:13 AM IST
नवीन दलाल माई सिटी रिपोर्टर, हिसार (हरियाणा)

सार

हरियाणा, एनसीआर व दिल्ली में इस माह के पहले पखवाड़े में तीन-चार दिन के अंतराल पर लगातार मानसूनी बारिश की गतिविधियों की संभावना बन रही है। हालांकि इस अंतराल के दौरान आमजन को उमसभरी गर्मी से रू-बरू होना पड़ेगा।
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बारिश के बाद जलभराव - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अब तक मानसून प्रदेश पर मेहरबान रहा है और इस माह में भी यह बदरा खूब बरसेंगे। मौसम विशेषज्ञ की मानें तो इस माह के पहले, दूसरे व चौथे सप्ताह में मानसून पूरी तरह से सक्रिय रहेगा। लगातार पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के साथ-साथ बंगाल की खाड़ी व अरब सागर में कम दबाव के क्षेत्र बनने से पूरे माह बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी।

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मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि अगस्त माह के पहले दो तीन दिन हरियाणा, एनसीआर व दिल्ली में मानसून सक्रिय बना रहेगा। इसके बाद दो-तीन उत्तरी जिलों को छोड़कर बाकी हिस्सों में बिखराव वाली बारिश होगी। इस माह में बंगाल की खाड़ी पर एक के बाद एक तीन या चार कम दबाव के क्षेत्र बनने, अरब सागर पर भी हलचल होने और उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों पर एक के बाद एक चार पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से मानसून टर्फ राजस्थान और हरियाणा-एनसीआर पर बनी रहेगी।

इससे हरियाणा, एनसीआर व दिल्ली में इस माह के पहले पखवाड़े में तीन-चार दिन के अंतराल पर लगातार मानसूनी बारिश की गतिविधियों की संभावना बन रही है। हालांकि इस अंतराल के दौरान आमजन को उमसभरी गर्मी से रू-बरू होना पड़ेगा। वहीं, दूसरे पखवाड़े में भी झमाझम बारिश होगी। हालांकि चौथे सप्ताह में मानसून गतिविधियों में कमी आएगी। क्योंकि इस दौरान बंगाल की खाड़ी पर बनने वाले कम दबाव के क्षेत्र के असर देश के मध्य और दक्षिणी राज्यों में सामान्य से अधिक बारिश होगी, जबकि प्रदेश में मानसून कमजोर बना रहेगा।
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दो माह में सामान्य से 27 प्रतिशत अधिक बारिश
इस साल हरियाणा, एनसीआर व दिल्ली में मानसून अपने तय समय से पहले पहुंचा। अभी भी प्रदेश के उत्तरी जिलों पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र व जींद में सामान्य से कम और बाकी जिलों में सामान्य से अधिक बारिश हुई। 1 जून से 1 अगस्त तक प्रदेश में 264.5 एमएम बारिश दर्ज की गई, जबकि सामान्य बारिश 208.8 एमएम होती है जो सामान्य से 27 प्रतिशत ज्यादा है।

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