हरियाणा के हिसार में मानसून टर्फ रेखा के उत्तर में होते ही मानसून प्रदेशभर में सक्रिय हो गया। बुधवार को ज्यादातर जिलों में बारिश संबंधी गतिविधियां दर्ज की गईं। मौसम विशेषज्ञ की मानें तो 23 जुलाई तक प्रदेश में अच्छी बारिश के आसार हैं।
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन के अनुसार अभी तक मैदानी राज्यों पंजाब, हरियाणा, एनसीआर व दिल्ली में लगातार बिखराव वाली बारिश की गतिविधियां देखने को मिल रही थी, जबकि कुछ स्थानों पर मानसून गतिविधियां नदारद थी। इस वजह से पसीने और उमस भरी गर्मी लोगों को परेशानी कर रही थी।
मगर, जैसे ही मानसून टर्फ रेखा के उत्तरवर्ती होते ही पंजाब, हरियाणा, एनसीआर व दिल्ली से लेकर लंबे समय से सूखा झेल रहे उत्तर प्रदेश व बिहार, पश्चिमी बंगाल व झारखंड तक जबरदस्त बादलों का निर्माण हो रहा है। बुधवार अलसुबह से शाम तक हरियाणा, एनसीआर व दिल्ली में अधिकतर स्थानों पर तेज गति की हवाओं व गरज चमक के साथ हल्की से मध्यम और कुछ स्थानों पर मूसलाधार बारिश हुई। बुधवार को हरियाणा में अधिकतम तापमान 29 से 36 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
आगे ऐसा रहेगा मौसम
वर्तमान में कई मौसम प्रणालियों का प्रभाव बनने की संभावना बन रही है, जिससे 21 से 23 जुलाई और उसके बाद भी संपूर्ण इलाके में बारिश की गतिविधियों को दर्ज किया जाएगा। बुधवार रात से एक पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत के पर्वतीय क्षेत्रों पर पहुंचेगा, जिसकी वजह से एक प्रेरित चक्रवातीय हवाओं का परिसंचरण केंद्रीय पाकिस्तान पर बनेगा।
इसके असर से मूसलाधार बारिश का दौर पश्चिमी हरियाणा के जिलों के साथ शेष हरियाणा और उत्तर पूर्वी राजस्थान के अधिकतर हिस्सों पर रहेगा। साथ ही साथ मानसून टर्फ भी पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तरप्रदेश व बिहार से बंगाल की खाड़ी तक सक्रिय रहेगी।
इसके अलावा बंगाल की खाड़ी पर बना कम दबाव क्षेत्र के साथ-साथ 22 जुलाई को एक कम दबाव का क्षेत्र झारखंड व इससे सटे ओडिशा पर बनेगा। इसी दिन पश्चिमी विक्षोभ की वजह से एक कम दबाव का क्षेत्र पश्चिमी राजस्थान पर विकसित होगा।
प्रदेश में हुई बारिश के आंकड़े
- भिवानी 42 एमएम
- रोहतक 20 एमएम
- करनाल 13 एमएम
- गुरुग्राम एससीईआरटी 12.6 एमएम
- कुरुक्षेत्र केवीके 28 एमएम
- बावल रेवाड़ी 24.5 एमएम
- फतेहाबाद 1.5 एमएम
- हिसार 2 एमएम
- अंबाला 1 एमएम
- महेंद्रगढ़ केवीके 16.5 एमएम
- दामला केवीके यमुनानगर 28 एमएम