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हिसार में चला मोदी का करिश्मा

Sun, 19 Oct 2014 11:46 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार
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जिला हिसार की सात विधानसभा क्षेत्रों में से तीन विधानसभा क्षेत्रों में इनेलो, दो में हरियाणा जनहित कांग्रेस और दो में भाजपा के प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की है।
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पिछले चुनावों में जहां हिसार की सात सीटों में से चार कांग्रेस की सीटें थीं, जिनमें से इनेलो ने तीन और भाजपा ने एक सीट छीनकर जिले से कांग्रेस का सूपड़ा साफ कर दिया है।

इसके अलावा इनेलो के एक गढ़ को भाजपा ने भी भेद दिया है। इस तरह कभी कांग्रेस के गढ़ रहे हिसार जिले पर अब इनेलो और भाजपा का संयुक्त रूप से कब्जा हो गया है।
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उकलाना, बरवाला, हिसार और नलवा में जहां पहले कांग्रेस के विधायक थे, वहीं अब नलवा, उकलाना और बरवाला में इनेलो ने बाजी मार ली है, वहीं नारनौंद और हिसार पर अब भाजपा ने जीत हासिल कर ली है।

जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त एमएल कौशिक ने बताया कि नारनौंद विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी कैप्टन अभिमन्यु 53 हजार 770 से मत लेकर सबसे आगे रहे।

उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी इनेलो के प्रत्याशी राज सिंह मोर को 5 हजार 761 मतों से हराया। राज सिंह मोर को 48 हजार नौ मत प्राप्त हुए।

हिसार विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी डॉ. कमल गुप्ता 42 हजार 285 मत लेकर विजयी रहे। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी सावित्री जिंदल को 13 हजार 646 वोटों से हराया।

सावित्री जिंदल ने 28 हजार 639 वोट पाए। हांसी विधानसभा क्षेत्र से हजकां प्रत्याशी रेणुका बिश्नोई ने 46 हजार 335 मत लेकर जीत दर्ज की।

उन्होंने निकटतम प्रतिद्वंद्वी इनेलो प्रत्याशी उमेद सिंह लोहान को 14 हजार 652 वोटों से हराया। बरवाला विधानसभा क्षेत्र से इनेलो प्रत्याशी वेद नारंग ने 34 हजार 941 मत लेकर विजय प्राप्त की। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी भाजपा प्रत्याशी सुरेंद्र पूनिया को 10 हजार 261 वोटों से हराया।

उकलाना विधानसभा क्षेत्र से इनेलो प्रत्याशी अनूप धानक ने 58 हजार 120 मत लेकर जीत हासिल की। उन्होंने भाजपा प्रत्याशी सीमा गैबीपुर को 17 हजार 927 वोटों से हराया।

नलवा विधानसभा क्षेत्र से इनेलो प्रत्याशी रणबीर गंगवा ने 41 हजार 950 मत लेकर पहला स्थान पाया। उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी हजकां प्रत्याशी चंद्रमोहन को 7 हजार 115 वोटों से हराया।

आदमपुर विधानसभा क्षेत्र से हजकां प्रत्याशी कुलदीप बिश्नोई 56 हजार 757 मत लेकर सबसे आगे रहे, जिन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी इनेलो प्रत्याशी कुलबीर बैनीवाल को 17 हजार 249 वोटों से हराया।

जिले के शहरी मतदाताओं पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जबरदस्त जादू चला। नरेंद्र मोदी के चमत्कार से हिसार शहर विधानसभा सीट पर पहली बार कमल खिला।

इस सीट पर भाजपा की महज 2594 वोट को 42 हजार 285 वोट में बदल दिया। भाजपा के वोट प्रतिशत में 32 प्रतिशत का उछाल आया।

हिसार विधानसभा पर 2009 में भाजपा अपने दम पर चुनाव लड़ी थी, जिसमें हिसार से भाजपा प्रत्याशी रवि सैनी ने चुनाव लड़ा था।

इस सीट पर कुल 1 लाख 18 हजार 17 वोट थे, जिसमें से कुल 78 हजार 30 मतदाताओं ने वोट पोल किए थे। करीब 66.1 प्रतिशत वोट पोल किए गए, जिसमें कांग्रेस प्रत्याशी को सबसे अधिक 32866 वोट मिले थे।

यानी कांग्रेस को करीब 42.2 प्रतिशत मतदाताओं का समर्थन मिला था। 2009 में निर्दलीय प्रत्याशी गौतम सरदाना को 23.1, हजकां प्रत्याशी रामनिवास राड़ा को 18.5 और इनेलो प्रत्याशी हनुमान ऐरन को करीब 8.3 प्रतिशत वोट मिले।

भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी रवि सैनी को हिसार शहर में महज 2594 वोट यानी 3.3 प्रतिशत वोट मिले थे।
वर्ष 2014 के चुनाव में वोट प्रतिशत 3 से बढ़कर 38 प्रतिशत तक पहुंचने का चमत्कार कमल गुप्ता का नहीं बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम का था।

डॉ. कमल गुप्ता भी हिसार विधानसभा से चुनाव लड़ चुके हैं। वह 2000 के विधानसभा चुनाव में भाजपा इनेलो के संयुक्त प्रत्याशी के तौर पर उतरे थे, जिसमें 1 लाख 44 हजार 972 वोट थे।

इसमें 94 हजार 476 वोट पोल हुए थे। जिसमें कांग्रेस प्रत्याशी ओपी जिंदल को 39017 वोट मिले थे। जो कुल डाले गए वोट का करीब 41 प्रतिशत थे।

भाजपा-इनेलो संयुक्त प्रत्याशी डॉ. कमल गुप्ता को महज 5844 वोट मिले थे, जो करीब 6 प्रतिशत भाग था। इस बार 1 लाख 9 हजार 210 वोट पोल हुए, जिसमें कांग्रेस को 28639 वोट मिले।

 26 प्रतिशत वोट आए। भाजपा प्रत्याशी कमल गुप्ता को 42 हजार 285 वोट मिले, जो डाले गए वोट का 38 प्रतिशत हिस्सा है।

कांटे का मुकाबला रहा कमल व चश्मा में
हिसार। हिसार के नारनौंद हलके में कमल के निशान (बीजेपी) पर चुनाव लड़ रहे कैप्टन अभिमन्यु व चश्मा के निशान पर चुनाव लड़ रहे राज सिंह मोर के बीच कांटे की टक्कर रही।

प्रदेश भर में सबसे देरी में नारनौंद की सीट डिक्लेयर हुई। करीब छह बजे औपचारिक घोषणा हुई कि कैप्टन अभिमन्यु जीत गए।

सुबह भी काउंटिंग कुछ देरी से शुरू हुई। करीब साढ़े दस बजे तक तो तीन ही राउंड हो पाए। तीन राउंड के बाद काफी देर तक काउंटिंग रुक गई।

शुरूआती यानी जीरो राउंड में इनेलो की टिकट से चुनाव लड़ रहे पूर्व विधायक सरोज मोर के पति राज सिंह मोर 99 वोट लेकर कैप्टन अभिमन्यु से 44 वोट आगे रहे।

चार राउंड तक मोर ही आगे रहे। जीरो के बाद पहले राउंड में 1096 वोट से मोर लीड कर गए। दोनों के बीच आगे पीछे का खेल दस राउंड तक चला।

11 वे राउंड में कैप्टन ने 3292 वोट हासिल किए। बीजेपी की यहां लीड बढ़कर छह हजार का आंकड़ा पार कर गया।

इनेलो ने 12 व अंतिम 14वें राउंड में बीजेपी से तो अधिक वोट लिए। लेकिन लीड नहीं तोड़ पाए और कैप्टन अभिमन्यु की 5761 वोट से जीत हासिल कर गए।

दसवें राउंड के बाद मशीनें पौंना घंटा तक रूकी रही। इनेलो उम्मीदवार राज सिंह मोर ने कहा कि 141 नंबर बूथ से दो मशीने गायब हो गई है।

उन्होंने लिखित रूम में आरओ (रिटर्निंग ऑफिसर) को लिखित में शिकायत दी। दोपहर को मतगणना केंद्र में इनेलो व बीजेपी एजेंटों में भारी खींचतान रही।

जिसके चलते प्रशासन को केंद्र पर अर्ध सैनिक बल की टुकड़ी मंगवानी पड़ी। कैप्टन अभिमन्यु, राजसिंह मोर तथा रामकुमार गौतम तीनों एक साथ मतगणना केंद्र में बैठे थे।

मेरी प्राथमिकता- कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि मेरी पहली प्राथमिकता भ्रष्टाचार मुक्त शासन देना है। दूसरी प्राथमिकता हिसार को रेल प्रोजेक्ट से जोड़ने के काम को तेजी से पूरा कराना है। तीसरी प्राथमिकता युवाओं को रोजगार दिलाना है।
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