नारनौंद। प्रदेश की मंडियों में धान की खरीद शुरू न होने और किसानों को हो रही परेशानी को लेकर नारनौंद के विधायक जस्सी पेटवाड़ ने मुख्यमंत्री से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
उन्होंने कहा कि किसान 4-5 दिन से धान लेकर मंडियों में बैठे हैं लेकिन खरीद शुरू नहीं हो पा रही है। पेटवाड़ ने मुख्यमंत्री पर तंज कसते हुए कहा कि अगर उन्हें पंजाब से फुर्सत मिल गई हो तो हरियाणा के किसानों की सुध भी लें।
विधायक ने कहा कि सरकार ने 29 सितंबर से धान खरीद शुरू करने की घोषणा की थी लेकिन मंडियों में पर्याप्त खरीदार, मिलर और खरीद एजेंसियां सक्रिय नहीं हैं। इससे किसान परेशान हैं।
उन्होंने धान में नमी की निर्धारित सीमा 17 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने की मांग की। उनका कहना है कि मौजूदा व्यवस्था में किसानों को नमी के नाम पर 300 से 400 रुपये प्रति क्विंटल तक का नुकसान उठाना पड़ सकता है। विधायक ने धान की मिलिंग के नियमों में बदलाव की भी मांग की।
उन्होंने कहा कि 67 किलो धान की मिलिंग पर 67 किलो चावल की मौजूदा शर्त मिलरों के लिए परेशानी का कारण बन रही है। करीब 95 प्रतिशत धान की कटाई मशीनों से होने के कारण दाना टूटने की मात्रा बढ़ जाती है और मिलरों को निर्धारित मात्रा में चावल तैयार करने में नुकसान होता है।
67 किलो चावल की शर्त घटाकर 57 से 58 किलो की जाए। इन दोनों मांगों पर तत्काल निर्णय लेकर खरीद शुरू करवाई जाए ताकि किसान, आढ़ती और मिलर आर्थिक नुकसान से बच सकें।