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बिश्नोई सभा की आमसभा में हाई प्रोफाइल ड्रामा : सुबह कुलदीप बिश्नोई ने सभा के प्रधान को हटाने का फरमान सुनाया, दोपहर में उसी प्रधान की अध्यक्षता में हुई बैठक

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meeting - फोटो : Hisar
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बिश्नोई मंदिर में रविवार को बिश्नोई सभा हिसार की आमसभा की बैठक में जमकर हंगामा हुआ। सुबह 11 बजे शुरू हुई बैठक में अखिल भारतीय बिश्नोई सभा के संरक्षक और आदमपुर से विधायक कुलदीप बिश्नोई ने सभा के 500 से अधिक सदस्यों द्वारा प्रधान के खिलाफ हस्ताक्षर करने का हवाला देते हुए बिश्नोई सभा हिसार के प्रधान प्रदीप बैनीवाल को हटाने का फरमान जारी कर दिया। इस दौरान प्रदीप बैनीवाल के समर्थकों ने कुलदीप बिश्नोई का जमकर विरोध किया। चंद मिनट चली इस बैठक के बाद कुलदीप बिश्नोई और उनके समर्थक वहां से चले गए। इसके बाद प्रधान प्रदीप बैनीवाल की अध्यक्षता में सभा की बैठक चलती रही। इस दौरान वक्ताओं ने इस घटना की जमकर निंदा की और कहा कि इस तरह की हरकतें एक नेता को शोभा नहीं देती। इस बीच करीब डेढ़ बजे कुलदीप बिश्नोई के आवास पर उनके समर्थक और बिश्नोई सभा हिसार की कार्यकारिणी के कुछ सदस्यों की बैठक में जगदीश कड़वासरा को बिश्नोई सभा हिसार का प्रधान घोषित कर दिया गया। दूसरी तरफ, प्रधान प्रदीप बैनीवाल ने प्रधान पद छोड़ने से स्पष्ट इंकार कर दिया और कहा कि जबरदस्ती हुई तो समाज के लोगों के साथ मिलकर कानूनी लड़ाई लड़ेंगे।
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पहली बार लगे जिंदाबाद-मुर्दाबाद के नारे
पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय चौधरी भजनलाल, बिश्नोई समाज को इसी बिश्नोई मंदिर से संबोधित करते थे। जन्माष्टमी के दिन उनका यहां पर संबोधन होता था, जिसे सुनने के लिए बिश्नोई समाज उमड़ पड़ता था। उनके बाद कुलदीप बिश्नोई को अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा का संरक्षक बनाया गया। हर जन्माष्टमी पर कुलदीप बिश्नोई भी यहीं से बिश्नोई समाज के लोगों को संबोधित करते थे। रविवार को इसी बिश्नोई मंदिर में पहली बार हुआ कि कुलदीप बिश्नोई का विरोध किया गया और उनके मुर्दाबाद के नारे लगे। वहीं, उनके समर्थकों ने जिंदाबाद के नारे लगाए। समाज के लोगों ने सामाजिक सभा की बैठक में इस तरह के राजनीतिक नारों की जमकर निंदा की।
कार्यालय को ताला लगाकर चले गए प्रधान
आमसभा की बैठक के बाद सभा के प्रधान प्रदीप बैनीवाल मंदिर एवं भवन में बने अपने कार्यालय को ताला लगाकर चले गए। उनके बाद कुलदीप बिश्नोई द्वारा बनाए गए नए प्रधान जगदीश कड़वासरा पहुंचे। उनके समर्थकों ने फूल-मालाओं से उनका स्वागत किया और कुलदीप बिश्नोई जिंदाबाद के नारे लगाए। इस पर समाज के अन्य लोगों ने इसका विरोध किया और कहा कि सामाजिक स्थान को राजनीतिक अड्डा मत बनाओ।
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समाज के स्वयंभू बनकर प्रधान को नहीं हटा सकते कुलदीप
सभा के सदस्य और जजपा के प्रदेश प्रभारी एडवोकेट मंदीप बिश्नोई ने कहा कि जिस तरह से 512 से अधिक लोगों के हस्ताक्षर करवाकर प्रधान को हटाने की कोशिश की जा रही है, वह गलत है। सोसायटी एक्ट के अनुसार प्रधान को हटाना ही है तो उसकी एक प्रक्रिया है, फर्जी हस्ताक्षर और गैर कानूनी रूप से ऐसा नहीं हो सकता। कुलदीप बिश्नोई को सम्मान देने के लिए संरक्षक का पद दिया गया है। वे समाज के स्वयंभू बनकर प्रधान को नहीं हटा सकते। उनके पास ऐसी कोई पावर नहीं है। पूर्व जिला रजिस्ट्रार रोहताश कुमार ने कहा कि इस प्रकार की कार्यवाही का औचित्य नहीं है।
राजनीतिक कार्यवाही से समाज को तोड़ने का काम किया
सभा के वरिष्ठ सदस्य बनवारी लाल कामरेड ने कहा कि ये कुलदीप बिश्नोई की समाज को तोड़ने वाली और राजनीतिक कार्यवाही है। समाज इसकी पुरजोर निंदा करता है। वहीं, प्यारेलाल कड़वासरा ने कहा कि सोसायटी एक्ट में संरक्षक का पद नहीं है। यह अवैध रूप से बनाया गया है, इसे कानूनी रूप से कार्यवाही करके समाप्त किया जाए। अधिवक्ता रामकुमार भादू ने कहा कि कुछ लोग तुच्छ राजनीति के कारण उन्हें हटाना चाहते हैं, जो गैरकानूनी है। इस दौरान वरिष्ठ समाज सेवी नरसिंह थालोड़, हंसराज जाजूदा, अंचित राम गोदारा, विजय सीगड़, विजय भाम्भू, सतपाल भाम्भू, राजीव पुनिया, पालाराम करीर, संतलाल करीर, प्रेमनारायण धायल, सुनील मांझू और सभा सदस्यों ने अपने विचार रखे।
सभा में 685 सदस्य हैं। दस लोगों ने बैठकर 500 लोगों के हस्ताक्षर कर लिए और कहते हैं कि प्रधान पद छोड़ो। सभी सदस्य यहां मौजूद हैं, उनसे वोटिंग करवाई जाए मैं प्रधान का पद छोड़ दूंगा। लेकिन वोटिंग नहीं करवाई गई। मैं समाज को गलत लोगों के हाथों में नहीं सौंप सकता।
प्रदीप बैनीवाल, प्रधान, बिश्नोई सभा हिसार।
बिश्नोई सभा के संविधान के सेक्शन 17 के उपनियम चार के तहत सभा सदस्यों ने प्रधान को हटाने के लिए पत्र लिखा था। इसके बाद समस्त बिश्नोई सभा हिसार की सहमति को देखते हुए प्रधान प्रदीप बैनीवाल को पदमुक्त किया गया है।
कुलदीप बिश्नोई, संरक्षक, अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा और कांग्रेस नेता एवं विधायक, आदमपुर।
क्या हुआ और क्या नहीं, ये हम तभी देख पाएंगे जब हमारे पास सभा डॉक्यूमेंट जमा करवाएगी। एक्ट के अनुसार हम जांच करेंगे कि क्या सही है क्या गलत। इसके बाद ही कोई कार्यवाही करनी पड़ी तो करेंगे।
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इतबार सिंह गोदारा, रजिस्ट्रार, फर्म एंड सोसायटी।
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