बास। गांव खांडा खेड़ी निवासी राममेहर सिंह ने मुंबई की एक प्राइवेट कंपनी मीरा क्लीनफ्यूल्स लिमिटेड कंपनी पर 12 लाख 20 हजार रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया है। पीड़ित ने बताया कि कंपनी के डायरेक्टर डॉ. श्याम गोल्फ, प्राची डोले व लवेश रामचंद्रा जाधव के साथ 29 मई 2023 को एमकॉल प्लांट लगाने का एग्रीमेंट हुआ था। कंपनी ने सिक्योरिटी के तौर पर उनसे 10 लाख रुपये लिए जो कि उन्होंने पीएनबी बैंक की खांडा खेड़ी शाखा से आरटीजीएस के जरिए ट्रांसफर किए थे।
राममेहर का कहना है कि कंपनी के एजेंट भिवानी जिले के गांव ढाणी माहू निवासी रूपेश परमार ने कंपनी की साख का झासा देकर यह एग्रीमेंट करवाया और कहा था कि एक साल में प्लांट लग जाएगा, लेकिन एक साल बीत जाने के बावजूद न तो प्लांट लगाया गया और न ही निवेश की गई राशि लौटाई गई। पीड़ित ने बताया कि बार-बार संपर्क करने पर कंपनी ने 24 अक्तूबर 2024 को एक लाख रुपये की राशि आरटीजीएस से लौटाई, लेकिन शेष 9 लाख रुपये व 3 लाख 20 हजार रुपये अन्य खर्चों के नाम पर दिए जाने वाले 12.20 लाख रुपये का चेक दे दिया। उसने चेक बैंक में जमा करवाया तो वह बाउंस हो गया। अब कंपनी अधिकारी बार-बार तारीख देकर टालमटोल कर रहे हैं और मोबाइल नंबर भी ब्लॉक कर चुके हैं। इस मामले को लेकर राममेहर सिंह ने पहले एसपी कार्यालय हांसी में शिकायत दी थी। अब नारनौंद थाना पुलिस ने कंपनी के सीईओ डॉ. श्याम गोल्फ, प्राची डोले और लवेश रामचंद्रा जाधव के खिलाफ केस दर्ज किया है।