दुराचार की मेडिकल जांच के लिए एक किशोरी को ढाई घंटे तक सामान्य अस्पताल में डॉक्टर के इंतजार में बैठा रहना पड़ा। पुलिस ने बार-बार सामान्य अस्पताल के स्टाफ को सूचना दी, लेकिन कोई डॉक्टर नहीं पहुंचा।
इसके बाद डीसी को इस मामले से अवगत करवाया गया तो उनके हस्तक्षेप के बाद डॉक्टर अस्पताल में पहुंची। डॉक्टर मौके पर पहुंचे तो उन्होंने बिना परिजनों की मौजूदगी के जांच करने से इंकार कर दिया।
लगभग ढाई घंटे तक इंतजार करने की वजह से बाद में किशोरी ने भी पुलिस को मेडिकल जांच कराने से मना कर दिया। किशोरी दो दिन पहले शहर के नजदीक गांव सातरोड़ कलां स्थित घर से लापता हुई थी।
कैंट चौकी पुलिस ने गांव सातरोड़ कलां से 20 मार्च को 15 वर्षीय किशोरी घर से लापता हो गई थी। इसके बाद पुलिस ने किशोरी की मां की शिकायत पर गांव सातरोड़ कलां के दो युवकों दिनेश और धर्मेंद्र के खिलाफ युवती को बहला फुसलाकर ले जाने का मामला दर्ज कर लिया था।
इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने शनिवार रात को किशोरी को हिसार रेलवे स्टेशन से बरामद किया। पुलिस को देख किशोरी के साथ खड़े दोनों युवक फरार हो गए।
पुलिस ने किशोरी के मिलने की सूचना उसके परिजनों को दे दी। इसके बाद पुलिस किशोरी का मेडिकल करवाने के लिए शनिवार रात लगभग साढ़े आठ बजे सामान्य अस्पताल ले आई।
यहां पर डॉक्टरों के न होने की वजह से किशोरी ने लगभग ढाई घंटे तक इंतजार किया। जांच अधिकारी उमेध सिंह ने बताया कि डीसी से फोन करवाने के बाद ही डॉक्टर लंबे इंतजार के बाद पहुंची थी।
किशोरी को रविवार को मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, जहां पर उसने अपने बयान दिए और कहा कि वह अपनी मर्जी से दोनों के साथ घूमने के लिए घर से गई थी। कोई उसे बहला-फुसलाकर नहीं ले गया था।
किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाने के दोनों आरोपियों दिनेश और धर्मेंद्र को पुलिस ने देर शाम गिरफ्तार कर लिया। उन्हें सोमवार को मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाएगा।