हिसार। जिले के अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में जबड़े के मरीजों की संख्या कम हो गई है। अब म्यूकरमाइकोसिस वार्ड में केवल 7 मरीज ऐसे दाखिल हैं, जिनके ऑपरेशन करना बाकी है। इन मरीजों के भी ओरल सर्जन डॉ. बंसीलाल एवं वॉलिंटियर ओरल सर्जन डॉ. कन्नू प्रिया और उनकी टीम ऑपरेशन जल्द कर देगी। कई मरीजों के जबड़ों में फंगस नहीं रुक रही है। जिस कारण दोबारा से ऑपरेशन करने की नौबत आ गई है।
चिकित्सक भी पहले शुरू में सफाई कर फंगस निकालते है। फंगस न रुके तो जबड़े का गला हुआ हिस्सा या पूरा जबड़ा निकालते हैं। खास बात यह है कि इन दिनों अस्पताल में आने वाले नए मरीजों में जबड़े की बजाय फेफड़ों या आंत में फंगस मिल रहा है। इन मरीजों का ऑपरेशन भी नहीं हो पा रहा हैं। सोमवार को मेडिकल कॉलेज में ब्लैक फंगस यानी म्यूकरमाइकोसिस के चार नए मरीज दाखिल किए गए हैं। ब्लैक फंगस के कारण कोई मौत नहीं हुई है। इसके अलावा दो मरीजों को अस्पताल से छुट्टी देकर घर भेजा गया है। फिलहाल अस्पताल में 59 मरीज उपचाराधीन हैं।
एक जबड़े सहित चार ऑपरेशन किए
सोमवार को अस्पताल में चिकित्सकों ने कुल चार ऑपरेशन किए गए। इनमें एक जबड़े का, एक नाक और दो आंखों के ऑपरेशन किए। सभी मरीजों के ऑपरेशन हो चुके हैं। केवल नए मरीजों के बाकी है। इसलिए पिछले दो दिनों से कम ऑपरेशन हो रहे हैं। एक तरह से चिकित्सकों को भी राहत मिलेगी।
वर्जन
सोमवार को म्यूकरमाइकोसिस के चार नए मरीज दाखिल किए हैं। दो मरीजों को अस्पताल से छुट्टी देकर घर भेजा गया है। लगभग सभी मरीजों के ऑपरेशन हो चुके हैं। केवल नए आने वाले मरीजों के ऑपरेशन करना बाकी है। उनके भी जल्द किए जाएंगे।
- डॉ. अनूप ग्रोवर, प्रोफेसर, दंत विभाग, मेडिकल कॉलेज, अग्रोहा।