निगम में बुलाई गई समीक्षा बैठक में मंगलवार को घमासान हो गया। पार्षद मास्टर प्रहलाद ने गली में कब्जा को लेकर अधिकारियों पर पैसे लेने के आरोप जड़ दिए। इस पर एमई संदीप व पार्षद प्रहलाद की खींचतान हो गई। अधिकारी एमई का पक्ष लेते हुए बैठक छोड़कर चले गए। अधिकारियों के मीटिंग छोड़कर जाने को पार्षदों ने अपना अपमान मानते हुए मेयर शकुंतला राजलीवाला, सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर सहित 12 पार्षद निगम में धरना लगाकर बैठ गए। पार्षदों ने बुधवार से भूख हड़ताल पर बैठने का ऐलान किया है।
गौरतलब है कि तीन साल में पहली बार मेयर ने समीक्षा बैठक बुलाई थी। पहला एजेंडा 4 जुलाई की मीटिंग का रिव्यू था जिसे ईओ अतर सिंह खनगवाल ने पढ़ा। पहला प्रस्ताव टैक्स ब्रांच संबंधित था, लेकिन जवाब के लिए टैक्स ब्रांच के अधिकारी मौजूद नहीं थे। मेयर ने आपत्ति जताते हुए कहा कि ब्रांच के अधिकारियों को बुलाया जाए। जो न आए उन्हें कारण बताओ नोटिस दो। दूसरा एजेंडा जोहड़ों की पैमाइश करवाकर उनके बाहर बाउंडरी कराने का था। इसका लैंड ऑफिसर जवाब देने के लिए उपस्थित नहीं थे। कुछ देर बार मीटिंग में आए एलओ से पार्षदों ने सवाल दागने शुरू कर दिए।
मेयर ने पूछा कि आपने पैमाइश के लिए कब लिखा। इस पर लैंड ऑफिसर ने कहा कि 17 अगस्त को लिखा है। पार्षदों ने कहा कि मीटिंग कब हुई थी। आप लोग इतना लेट एक्शन क्यों लेते हो या फिर समीक्षा बैठक का पता चल गया जब हरकत में आए हो। एमई प्रवीन ने जवाब दिया कि उनके पास एजेंडे लेट पहुंचे थे। पार्षद राजपाल मांडू ने कहा कि जोहड़ों की पैमाइश करवाकर उनके बाहर तार या बाउंडरी बनवाना है। मगर इससे पहले वहां कब्जे हटाए जाने चाहिए। इसी बीच पार्षद मास्टर प्रहलाद बीच में कूद पड़े।
उन्होंने कहा कि मांडू साहब ये क्या कब्जा हटवाएंगे मेरे वार्ड में एक गली में सरेआम कब्जा है मगर शिकायत पर शिकायत दिए जाने के बावजूद उसे हटवाया नहीं जा रहा। उन्होंने एक्सईएन से कहा कि आप हमें जवाब दो और लिखित में कि कब तक कब्जा हटवा दोगे। एक्सईएन ने जवाब देने के लिए एमई संदीप की ओर इशारा किया।
एमई ने कहा कि फिलहाल उस कब्जे के मामले में कोर्ट स्टे है, निगम तोड़ नहीं सकता। पार्षद गुस्से में मेज थपथपाने लगे। उन्होंने कहा कि आप लोगों को एक सप्ताह का समय देता हूं। देखता हूं कैसे नहीं हटेगा। अगर नहीं हटा तो मैं छह गलियों में और कब्जा करवा दूंगा। अन्य पार्षदों ने भी अधिकारियों को घेर लिया। पार्षद राजपाल मांडू ने कहा कि निगम से तो सातरोड कैंट एरिया के सामने से भी कब्जा नहीं हट रहा था गांव के लोगों ने खुद कब्जा तुड़वाया।
प्रहलाद बोले पैसे लेकर करवाया कब्जा, एमई बोले सबूत लाओ
गुस्साए पार्षद मास्टर प्रहलाद ने कहा कि यह तो साफ है कि शिकायत के बाद भी क्यों कार्रवाई नहीं हो रही। यह सड़क की जमीन कब्जा करने वाले की नहीं है। आप लोगों ने पैसे लेकर कब्जा करवाया है। इस पर एमई भड़क गए। उन्होंने कहा कि आप गलत आरोप लगा रहे हो। अगर किसी ने पैसे लिए हैं तो सबूत लेकर आओ। पार्षद ने कहा कि मेरे पास सबूत हैं।
एमई ने कहा कि फिर आप सबूत है तो दिखाते क्यों नहीं यूं किसी को बदनाम न करो। पार्षद ने कहा कि एमई बैठ जाओ ज्यादा खड़े होकर बहस मत करो। सारी पोल खोल देेंगे कौन कौन से अधिकारी पैसे लेते हैं। एक्सईएन, एमई व टेक्निकल ब्रांच के अधिकारियों ने इस पर एमई संदीप का समर्थन किया। संदीप ने कहा कि यूं बेइज्जती करवाने नहीं आए। वे मीटिंग छोड़कर हाल से बाहर निकल गए। अधिकारियों के मीटिंग छोड़कर चले जाने को अपमान मानते हुए पार्षदों ने निगम गेट पर ही धरना शुरू कर दिया। हाउस की समीक्षा बैठक में दिए गए एजेंडों की प्रतियां भी जला दी। निगम अधिकारियों व सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। करीब छह घंटे तक शहर की सरकार धरने पर रही।
अधिकारी ने कहा पार्षद माफी मांगे, 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया
नगर निगम अधिकारियों, कर्मचारियों ने मंगलवार बैठक की। निगम के अधिकारियों ने कहा कि पार्षदों की ओर से असभ्य भाषा का उपयोग किया गया। उन पर झूठे आरोप लगाए गए। इस तरह से उनकी बेइज्जती करने का प्रयास किया गया। पार्षद अपनी इस हरकत के लिए माफी मांगे। अगर 24 घंटे में माफी नहीं मांगी तो हम हड़ताल पर जाएंगे।
मीटिंग में जो हुआ वह गलत हुआ। एक दूसरे का सम्मान करना चाहिए। किसी को भी गलत भाषा का प्रयोग नहीं करना चाहिए। निगम एक परिवार की तरह है। जल्द ही मामले को सुलझा लेंगे।
- सरजीत नैन, संयुक्त आयुक्त, नगर निगम हिसार