पैमाइश की सूचना पाकर मौके पर एकत्रित वाल्मीकि बस्ती के लोग व निवर्तमान पार्षद महेंद्र जुनेजा।
हिसार। तोशाम रोड से राजगढ़ रोड तक डाबड़ा माइनर की पैमाइश का कार्य दूसरे दिन मंगलवार को भी जारी रहा। टीम ने दूसरे दिन रेलवे ट्रैक के पास पैमाइश का कार्य शुरू किया। यहां टीम को पुरानी निशानदेही वाले पत्थर नहीं मिले, जिस कारण से रिकॉर्ड से मौजूदा स्थिति का मिलान नहीं हो सका। इस वजह से दूसरे दिन रेलवे लाइन तक ही पैमाइश हो सकी। इसके आगे वाले हिस्से की पैमाइश का कार्य बुधवार को किया जाएगा।
इससे पहले सोमवार को तोशाम रोड से माइनर की जमीन की पैमाइश शुरू की गई। शाम करीब साढ़े 5 बजे तक रेलवे लाइन से दो एकड़ पहले तक पैमाइश की गई। सिंचाई विभाग के मुताबिक इस हिस्से पर दूरदर्शन केंद्र के पास एक शेड बना रखा है, जो कि अस्थायी है। इसके साथ ही माइनर की जमीन पर करीब 40 से 50 पार्क भी बने हुए हैं।
रेलवे लाइन से आगे कब्जे ही कब्जे
अब तक पैमाइश वाले हिस्से पर कोई पक्का कब्जा नहीं मिला है। मगर रेलवे लाइन पार करते ही लोगों ने माइनर की जमीन पर पक्के कब्जे किए हुए हैं, जिनमें वाल्मीकि बस्ती, पीएलए व जवाहर नगर एरिया शामिल है। आज से करीब 10 साल पहले यहां की गई पैमाइश में करीब 70 पक्के कब्जे मिले थे। इस हिसाब से अब यह आंकड़ा 100 के ऊपर पहुंचने की संभावना है और इन कब्जों को हटवाने में काफी परेशानी आएगी।
बीएंडआर ने रेलवे रोड की करवाई पैमाइश
उधर, सीएम विंडो, जनसंवाद कार्यक्रम व समाधान शिविर में शिकायत मिलने के बाद मंगलवार को बीएंडआर ने रेलवे रोड की पैमाइश करवाई। इस दौरान जाट कॉलेज से लेकर लक्ष्मीबाई चौक तक पैमाइश करवाई गई। शिकायतकर्ता की मानें तो इस रोड पर काफी जगह पर लोगों ने पक्के कब्जे किए हुए हैं। इस कारण से इस रोड की चौड़ाई काफी कम हो गई है। बीएंडआर के एक्सईएन जतिन खुराना ने बताया कि रोड की पैमाइश हो गई है। अब रिपोर्ट मिलने के बाद ही पता चलेगा कि रोड की कितनी जमीन पर कब्जे हो रखे हैं।