कम स्पीड से पहुंची मानसून एक्सप्रेस पूरी राहत नहीं दे सकी। उमस से बेहाल लोगों के लिए पहुंची मानसून की बरसात से हल्की सी राहत मिली। शुक्रवार को 3.8 एमएम बरसात के साथ मानसून की पहली बरसात रिकॉर्ड हुई। 4 जुलाई तक मानसून की बरसात होगी।
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के मौसम विभाग के अनुसार हरियाणा में मानसून का प्रवेश हो गया है। शुक्रवार को शाम हुई बरसात मानसून की बरसात है। जुलाई के पहले सप्ताह में मानसून सक्रिय होने का अनुमान था।
तय समय पर मानसून ने दस्तक दे दी है। अब लगातार तीन दिन तक बरसात रहेगी। जिसमें बरसात के साथ तेज ठंडी हवाएं चलने का अनुमान है। शुक्रवार को भी लोग सुबह से ही उमस से परेशान थे।
दोपहर बाद आसमान में बादलों का प्रभाव हुआ। शाम करीब साढे़ चार बजे बरसात शुरू हुई। करीब 20 मिनट तक रुक रुक कर बरसात होती रही। इस दौरान दस मिनट तक अच्छी बरसात हुई। मौसम विभाग ने 3.8 एमएम बरसात रिकॉर्ड की है।
शुक्रवार को दिन का अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। बरसात के बाद तापमान में 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। न्यूनतम तापमान 30.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
इनका कहना है
अगले तीन दिन तक बरसात होने का अनुमान है, जिसमें ठंडी हवाएं चलने के साथ बरसात होगी। यह मानसून की बरसात है। मानसून 1 से 4 जुलाई के बीच सक्रिय होने का अनुमान था। सही समय पर मानसून ने दस्तक दी है। प्रदेश के कई हिस्सों में बरसात हुई है।
- राज सिंह, विभागाध्यक्ष मौसम विभाग, सीसीएचएयू हिसार।
उमस ने निकाला दम
पिछले तीन दिन से लोग उमस के कारण परेशान थे। तापमान 40 से 42 डिग्री सेल्सियस होने के बावजूद लोगों को असहज महसूस हो रहा था। कूलर भी राहत देने में नाकाम साबित हो रहे थे। चिपचिपी गर्मी से घर के अंदर व बाहर दोनों ही जगह मुश्किलें हो रही थी। बरसात के बाद मामूली सी राहत मिली है। तेज बरसात के बाद पूरी राहत मिलेगी।
एचएयू के मौसम विभाग के अनुसार पिछले पांच साल का मानसून का रिकॉर्ड
वर्ष जून जुलाई अगस्त सितंबर कुल बरसात
2010 50.3 300 209.6 147.6 707.0
2011 47.4 74.2 95.7 140.3 357.6
2012 26.5 76.6 282.5 33.2 418.8
2013 97.3 159.2 288.2 140.7 685.4
2014 71.6 73.1 34.2 81.5 260.4
2015 161.0 156.1 54.8 19.8 391.7