मनोज सिंधवानी को जिला नागरिक अस्पताल में मेडिकल के लिए लेकर जाते पुलिस कर्मचारी।
हिसार। निर्माणाधीन भवन की शिकायत पर अवैध वसूली करने के मामले में आरोपी आरटीआई कार्यकर्ता न्यू इंदिरा नगर निवासी मनोज सिंधवानी को सिटी थाना पुलिस ने शनिवार को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया। अदालत ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। पुलिस इस मामले में अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
सेक्टर 14 निवासी और सच मोबाइल के संचालक दीपांशु ने पुलिस को शिकायत दी थी कि 25 मार्च को नगर निगम ने उसकी दुकान के पास निर्माणाधीन बिल्डिंग पर एक नोटिस चस्पाया था। जांच करने पर पता चला कि मनोज सिंधवानी शहर में भवनों की शिकायत करता था और कई बिल्डिंगों को सील भी करवा चुका था। मनोज ने दीपांशु से 26 मार्च से लगातार संपर्क किया और रोजाना 50 बार फोन करने लगा जिससे उसका कामकाज प्रभावित हो रहा था।
पहले दिन मनोज ने दीपांशु से कहा कि यह उसका काम है और इसी से उसकी रोजी-रोटी चलती है फिर उसने कहा कि पैसे दो तो वह उसके काम में हस्तक्षेप नहीं करेगा। मनोज ने एक लाख रुपये की मांग की, और धमकी दी कि अगर पैसे नहीं दिए तो वह दुकान की शिकायत दमकल व अन्य विभागों में कर देगा। परेशान होकर दीपांशु ने एसपी से मिलकर मामले की शिकायत की। इसके बाद मनोज को एक लाख रुपये की अवैध वसूली करते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया।
आरोपी की नगर निगम में 300 आरटीआई पर फर्स्ट अपील
मनोज सिंधवानी ने नगर निगम में करीब 300 आरटीआई पर फर्स्ट अपील लगा रखी थी। नगर निगम अधिकारियों ने हाल ही में संबंधित विभाग को पत्र लिखकर सूचित किया था कि इतनी बड़ी संख्या में अपील का जवाब देना मुश्किल है।
अवैध वसूली के और पीड़ित सामने आए
मनोज सिंधवानी की गिरफ्तारी के बाद अवैध वसूली के और पीड़ित सामने आए हैं। शनिवार को पीएलए स्थित येलो डोर होटल के मालिक शगुन खुराना ने बताया कि मनोज की शिकायत पर उसकी जहाजपुल पर स्थित दुकान सील कर दी गई थी। करीब एक महीने पहले मनोज ने उनसे ढाई लाख रुपये की मांग की थी और कहा था कि वह उनकी दुकान की सील खुलवा देगा। हालांकि, राशि देने के बावजूद दुकान की सील नहीं खुली। शगुन ने बताया कि मनोज ने पहले भी एक अन्य दुकान की सील को कोर्ट में जाकर खुलवाया था। शगुन ने इस अवैध वसूली की शिकायत पुलिस से की है।