एफएसएल रिपोर्ट में ये बातें आईं सामने
रिपोर्ट में पाया गया कि शव पर कहीं भी एसिड के निशान नहीं हैं। भिवानी नागरिक अस्पताल में हुई पीएमआर में चिकित्सकों ने गले के आगे और दोनों तरफ फटे घाव पाए, जिनमें जानवरों द्वारा काटने व कुतरने जैसे निशान थे। पीजीआईएमएस रोहतक में हुई दोबारा पीएमआर जांच में भी यही निष्कर्ष निकला कि ये चोटें मृत्यु के बाद की हैं क्योंकि आसपास के नरम ऊतकों में खून का कोई रिसाव नहीं था।
एफएसएल रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि शव पर वीर्य (सीमन) के कोई निशान नहीं मिले जिससे स्पष्ट हुआ कि दुष्कर्म नहीं हुआ। पुलिस को शव के पास से एक सुसाइड नोट भी मिला था। इस नोट की लिखावट को परिजनों ने मनीषा की लिखावट बताया। एफएसएल जांच में भी यह पूरी तरह मेल खाई।
ये भी पढ़ें: शिक्षिका हत्याकांड: भिवानी-चरखी दादरी में इंटरनेट सेवा बंद, SMS सेवा निलंबित; 21 अगस्त की सुबह 11 बजे तक लागू
मनीषा ने खरीदा था कीटनाशक
जांच में यह भी सामने आया कि मनीषा ने एक दुकान से कीटनाशक खरीदा था। दुकान के सीसीटीवी फुटेज और रजिस्टर एंट्री से इसकी पुष्टि हुई। एफएसएल रिपोर्ट में उसके शरीर में कीटनाशक के अंश पाए गए हैं जिससे यह साफ हो गया कि मनीषा ने जहर खाकर जान दी। आईजी वाई पूर्ण कुमार ने कहा कि यह बेहद संवेदनशील मामला है। उन्होंने जनता से अपील की कि हालात को समझें और जिम्मेदारी से व्यवहार करें।
ये भी पढ़ें: शिक्षिका हत्याकांड: कत्ल या सुसाइड... थ्योरी पर उठे ये सवाल, जिनके जवाब अभी अधूरे; मनीषा के दादा ने कही ये बात