हिसार। जिले में कुछ दिनों से डीएपी खाद का संकट गहराया हुआ है। शुक्रवार को किसान जब खाद लेने के लिए नई अनाजमंडी में इफको बिक्री केंद्र पर पहुंचे तो वहां ताला लटका मिला। इस कारण किसानों को खाली हाथ लौटना पड़ा।
खाद लेने पहुंचे किसानों का कहना है कि गेहूं की बिजाई का समय है। ऐसे में बिजाई के लिए उन्हें खाद तक नहीं मिल रही है। वह पिछले कई दिनों से चक्कर काट रहे हैं। भीड़ के कारण खाद लेने के लिए पहले नंबर नहीं आया। किसान नेता बलजीत सिंह सरसाना, राजकुमार ठोलेदार, सतबीर धायल, जिला प्रधान शमशेर सिंह नंबरदार ने कहा कि खाद का संकट सरकार ने जान बूझकर खड़ा किया है। किसान पूरी रात खाद केंद्रों पर बहू-बेटियों के साथ लाइन में लगे रहते हैं परंतु एक कट्टा खाद नहीं मिलता। किसान सभा 13 नवंबर को दोपहर एक बजे लघु सचिवालय के गेट पर जिला प्रशासन का पुतला फूंकेंगी।
खाद लेने के लिए कम से कम 10 बार चक्कर काट चुका हूं। पहले लाइन में लगने के बाद नंबर नहीं आया। अब यहां बिक्री केंद्र बंद पड़ा है। - बलराज, किसान, टोकस
दो दिन से खाद के लिए चक्कर काट रहे हैं लेकिन खाद नहीं मिल रही है। हिसार के अलावा डाया, मंगाली और स्याहड़वा में भी पता किया था, लेकिन कही पर खाद नहीं मिली। - रामपाल, किसान, डाया
खाद के लिए कई चक्कर काट चुके हैं। यदि समय पर खाद नहीं मिली तो फसल खराब हो जाएगी। गेहूं की बिजाई के लिए खाद जरूरी है। प्रशासन की ओर से खाद की व्यवस्था करवाई जाए। - जयवीर, किसान, शिकारपुर