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शहर के लिए खुशखबरी डाबडा आरओबी के लिए लोन मंजूर

Wed, 20 Jan 2016 01:26 AM IST
अमर उजाला हिसार/ब्यूरो
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शहर की सबसे बड़ी डिमांड डाबडा चौक रेलवे ओवर ब्रिज को फोरलेन के लिए एनसीआर प्लानिंग बोर्ड ने मंजूर करते हुए इसके लिए बजट स्वीकृत कर दिया है। एनसीआरपीबी की ओर से इसके लिए लोन जारी किया जाएगा।
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हिसार शहर की ओर से डाबडा आरओबी के लिए वर्ष 2015  अगस्त में करीब 52 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट बनाकर एनसीआरपीबी को भेजा गया था।

बाद में इसे प्रोजेक्ट की टोटल कॉस्ट करीब 62 करोड तक होने का अनुमान लगाया गया। एनसीआरपीबी की ओर से इस लोन को मंजूर कर लिया गया है।

बजट मंजूर होने के साथ ही आरओबी फोरलेन होने का काम जल्द शुरू होने की संभावना है। इसके लिए प्रदेश सरकार की ओर से जल्द ही जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया को पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद टेंडर जारी कर यहां काम शुरू करा दिया जाएगा।

डाबड़ा पुल की लंबाई के लिए डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट बीते साल ही तैयार कर ली गई थी। जिसमें आरओबीके लिए 1.57 एकड जमीन अधिग्रहण की जरूरत पडेगी।

आरओबी की चौडाई 7.5 मीटर होगी। जिसमें साढे तीन तीन मीटर की दो लेन होंगे। बाकी एरिया में फुटपाथ बनाया जाएगा। पुलिस की ऊंचाई करीब 9 मीटर रखी जाएगी। आरओबी को मेट्रो की तरह से पिलर पर बनाया जाएगा।
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नए आरओबी की लंबाई 615 मीटर होगी। आरओबी के लिए 5146 मीटर सरकारी  विभागों की जमीन चाहिए। इसके अलावा 1218 मीटर निजी जमीन की जरूरत होगी।

किसकी कितनी जमीन चाहिए
हुडा ग्रीन बेल्ट हिसार साइड - 295 मीटर
हुडा ग्रीन बेल्ट दिल्ली साइड - 2165 मीटर
गर्वनमेंट शॉप - 38 मीटर
सेंट्रल जेल - 1845 मीटर
रेडक्रॉस - 879 मीटर
निजी अस्पताल - 910 मीटर
धर्मशाला - 270 मीटर
प्राइवेट शॉप - 38 मीटर

निजी जमीन अधिग्रहण रोडा
आरओबी बनाने में आखिरी बाधा निजी जमीन को अधिग्रहण की है। करीब 1218 गज जमीन अधिग्रहण के लिए निजी लोगों ने सहमति तो दे दी है लेकिन इसके अधिग्रहण की प्रक्रिया अब तक शुरू नहीं हो सकी है। इसके लिए सेक्शन चार, सेक्शन छह तथा सेक्शन 9 के नोटिस जारी होंगे।इसके बाद जमीन सरकार को मिलेगी।

सरकारी विभाग से जमीन लेना आसान
सरकारी विभागों की जमीन का अधिग्रहण करना आसान है। इसके लिए इन विभागों के मुख्यालय को पत्र लिखा जाएगा। मुख्यालय की अनुमति के बाद जमीन के कलेक्टर रेट के हिसाब से इसका भुगतान सरकारी विभागों के खाते में कर दिया जाएगा।

29 जुलाई 2015 को उपायुक्त डॉ. चंद्रशेखर खरे की अध्यक्षता में सभी विभागों की बैठक हुई थी। इन विभागों ने आरओबी के लिए जमीन देने पर सहमति दी थी।

निजी जमीन मालिकों ने भी इसे मंजूर कर लिया था। इसके बाद पीडब्ल्यूडी ने हरियाणा स्टेट रोड एंड ब्रिज डिपार्टमेंट को इसे भेजा था। बजट के लिए डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट एनसीआर बोर्ड को भेजी थी।
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