शहर में चलने वाले हर ऑटो अब कोड नंबर से पहचाने जाएंगे। ट्रैफिक पुलिस ने सोमवार को ऑटो पर कोड स्टीकर लगाकर इसकी शुरुआत की।
एक से लेकर करीब 200 ऑटो को कोड स्टीकर लगाया गया। इसके बाद ऑटो पर कोड नंबर लगाने की जिम्मेवारी यूनियन को सौंप दी गई।
ऑटो यूनियन अब इन स्टीकर्स को हर ऑटो चालक का बायोडाटा रिकॉर्ड कर उन पर चस्पा करेगा।
बिना कोड वाले ऑटो नहीं चलेंगे सड़कों पर
ऑटो यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष दीपक सेहरा ने बताया कि प्रशासन ने उन्हें दस दिन का समय दिया है। दस दिन के अंदर अंदर पूरे शहर के ऑटो पर कोड नंबर लगाए दिए जाएंगे।
प्रशासन ने सख्ती बरतते हुए कहा है कि सड़कों पर दस दिन बाद कोई भी ऑटो बिना कोड नंबर स्टीकर के नजर नहीं आना चाहिए। बिना कोड वाले ऑटो को शहर की सड़कों पर नहीं चलने दिया जाएगा।
अब रूट प्लेट की तैयारी
एसएचओ जगदेव ने ऑटो पर कोड स्टीकर लगाने के बाद उन्हें हिदायत दी कि अब वे जल्द से जल्द रूट प्लेट और लगा लें। उन्होंने बताया कि रूट प्लेट बनकर तैयार हो रही है।
जल्द ही मिल जाएंगी। जब ये तैयार हो जाएंगी तो तुरंत प्रभाव से लगाना शुरू कर दें। रूट प्लेट लगाने की प्रक्रिया के बाद इसको लेकर भी पूरी सख्ती बरती जाएगी।
ऑटो पर कोड स्टीकर लगाने शुरू कर दिए है। सोमवार को करीब 200 ऑटो पर कोड स्टीकर लगाए गए हैं। कोड स्टीकर वाले ऑटो का रजिस्ट्रेशन भी किया जा रहा है। इन्हें दस दिन का समय दिया जाएगा इसके बाद इन पर सख्ती बरती जाएगी।
- जगदेव सिंह, एसएचओ ट्रैफिक।
ऑटो पर कोड स्टीकर लगाने व रजिस्ट्रेशन का काम शुरू हो गया है। एसएचओ ट्रैफिक ने खुद इसकी शुरुआत की है। जिन ऑटो के कागजात पूरे होंगे उनके ऊपर ये कोड स्टीकर लगाए जाएंगे। जिनके कागजात पूरे नहीं वे ऑटो चालक अपने वाहन के कागजात पूरे करवा लें।
- दीपक सेहरा, प्रदेश उपाध्यक्ष ऑटो यूनियन