हिसार। पूर्व सीएम चौधरी बंसीलाल और ओपी चौटाला के मीडिया एडवाइजर रहे मास्टर हरि सिंह ने कहा कि कांग्रेस के कारण ही 54 वर्ष तक भजनलाल और उसके परिवार ने आदमपुर क्षेत्र में अपना वंश राज चलाया। कुलदीप बिश्नोई ने कांग्रेस छोड़कर अपना भविष्य बिगाड़ लिया है। आने वाले उपचुनाव में कुलदीप बिश्नोई को हार का मुंह देखना ही पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि भजनलाल एवं कुलदीप इसलिए चुनाव जीते कि जनता के समक्ष वे अपने आप को मुख्यमंत्री बनने का दावा प्रस्तुत करते रहे। आज क्योंकि कुलदीप भाजपा में जा रहे हैं, मतदाता समझते हैं कि यह उनका आत्मसमर्पण है। इसलिए भविष्य में वह कभी मुख्यमंत्री नहीं बन सकते, यही कारण रहेगा कि उनको पराजय देखनी पड़ेगी। उन्होंने बताया कि वह 1991 में भजनलाल के विरुद्ध 1998 में कुलदीप बिश्नोई के विरुद्ध चुनाव लड़ चुके हैं। दो बार भजनलाल और एक बार स्वयं कुलदीप बिश्नोई कांग्रेस छोड़ कर देख चुके हैं। वर्ष 1977 में भजनलाल ने कांग्रेस छोड़कर जनता पार्टी से चुनाव लड़ा, विधायक बने देवीलाल मंत्रिमंडल में मंत्री रहे। 1979 में विधायकों का समर्थन जुटाकर खुद मुख्यमंत्री बन गए।
रातों-रात जनता पार्टी से कांग्रेस के मुख्यमंत्री बने थे भजनलाल
वर्ष 1980 में स्वर्गीय इंदिरा गांधी देश की प्रधानमंत्री बनी, भजनलाल अपने साथी विधायकों के साथ उनके पास पहुंचे, कांग्रेस में शामिल होकर रातों-रात जनता पार्टी के मुख्यमंत्री से कांग्रेस के मुख्यमंत्री बन गए। 2007 में फिर कांग्रेस छोड़कर बेटे कुलदीप बिश्नोई के नेतृत्व में हरियाणा जनहित कांग्रेस पार्टी बनाई। हजकां की 2009 में 6 सीट आई तो 5 विधायक कांग्रेस में चले गए। वर्ष 2014 में उनकी केवल दो सीट आई। कांग्रेस ने भजनलाल को कई बार मुख्यमंत्री बनाया, कुलदीप बिश्नोई मुख्यमंत्री की कुर्सी पर अपना हक समझने लगे, कुलदीप बिश्नोई को कांग्रेस छोड़कर पछताना होगा।