कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी कुरुक्षेत्र ने 1990 के बाद के सभी विद्यार्थी जिनकी किसी भी कोर्स में री-अपीयर है या किसी कारण से यूजी-पीजी या प्रोफेशनल कोर्स अधूरे रहते हैं वे अपना कोर्स व डिग्री पूरी कर सकेंगे। इसके लिए स्टूडेंट्स को यूजी व पीजी की डिग्री पूरी करने के लिए स्पेशल मर्सी चांस दिया गया है। 32 साल पुराने री-अपीयर के स्टूडेंट्स 30 हजार तक की एडिशनल फीस जमा कराकर अपनी डिग्री पूरी कर सकेंगे। इसके अलावा विद्यार्थी को परीक्षा शुल्क अलग से देना होगा। इसके लिए विवि ने विद्यार्थियों की तीन दशक के अनुसार तीन श्रेणी बनाई है। परीक्षाओं को लेकर विवि की तरफ से नोटिफिकेशन जारी किया जा चुका है। यूनिवर्सिटी के प्रोफेशनल्स डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्सेज में भी स्टूडेंट री-अपीयर, इंप्रूव्मेट या एडिशनल विषय के लिए परीक्षा देकर अपनी डिग्री में भी सुधार कर पाएंगे। परीक्षाएं अप्रैल-मई में होंगी। अधिक जानकारी के लिए विद्यार्थी विवि की साइट देख सकते हैं।
2017 तक शहर के कॉलेज होते थे केयू से संबद्ध
2017 से तक जिले के सभी कॉलेज कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से संबद्ध होते थे। इसके बाद सभी कॉलेजों को जीजेयू से संबद्ध कर दिया था, लेकिन इसके बाद 2018 ने जिले के तीन कॉलेज फिर से केयू से संबद्ध किए गए। केयू की ओर से मर्सी चांस देना पुराने विद्यार्थियों के लिए एक सुनहरा मौके है। इससे सैकड़ों विद्यार्थियों को अपनी अधूरी डिग्री पूरी करने का सपना साकार होगा।
यह होगी तीन श्रेणी में विद्यार्थियों की फीस
1991-92 से 2000-01 के विद्यार्थियों के लिए 30000 और साथ में परीक्षा शुल्क लगेगा।
2001-02 से 2009-10 के विद्यार्थियों के लिए 25000 और परीक्षा शुल्क लगेगा।
2011 से 2020 के विद्यार्थियों के लिए 20000 रुपये और परीक्षा शुल्क लगेगा।
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय ने 1990 के बाद वाले छात्रों को अंक सुधार या डिग्री पूरी करने का अवसर प्रदान किया है। विद्यार्थियों के पेपर का नाम या परीक्षा स्कीम वर्तमान पैटर्न से मेल नहीं खाती। उनको पुरानी स्कीम के अनुसार ही प्रश्न पत्र मिलेगा। जबकि बाकी विद्यार्थियों को वर्तमान सिलेबस के अनुसार ही परीक्षा देनी होगी। स्पेशल मर्सी चांस यूनिवर्सिटी के सभी यूजी-पीजी ट्रेडिशनल और प्रोफेशनल कोर्सेज पर लागू रहेगा। इंपीरियल कॉलेज को परीक्षाओं के लिए नोडल सेंटर बनाया गया है।-
प्रो. सत्य सुरेंद्र सिंगला, निदेशक, इम्पीरियल कॉलेज, हिसार।