कैथल के पास सड़क हादसे में मारे गए छह युवकों में चार हिसार जिले के रहने वाले थे। इनमें तीन युवक गांव सुरेवाला व एक युवक गांव बिठमड़ा का रहने वाला था। गांव सुरेवाला निवासी तीनों युवक चचेरे भाई थे। मृतक चारों युवकों में से कपिल की शादी को अभी सिर्फ तीन महीने ही हुए थे, जबकि दूसरे युवक की शादी एक साल पहले हुई थी। उधर, रविवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद युवकों के शव गांव में पहुंचे, जहां गमगीन माहौल में सभी का अंतिम संस्कार किया गया।
बता दें कि हादसे के शिकार हुए सभी युवक शुक्रवार को हरिद्वार गए थे। शनिवार रात को लौटते समय कैथल के पास इनकी गाड़ी ड्रेन में गिर गई। हादसे में गाड़ी में सवार सभी छह युवकों की मौत हो गई।
फोन पर बोला था कपिल, कुरुक्षेत्र पहुंच चुके, सुबह तक आ जाएंगे घर
बिठमड़ा निवासी कपिल (22) के परिजनों के अनुसार शनिवार को उसका फोन आया था कि वह कुरुक्षेत्र पहुंच चुके हैं और रविवार सुबह तक घर पहुंच जाएंगे। इसके बाद रात करीब एक बजे उनके पास फोन आया कि उनकी गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गई है। कपिल के पिता रोहतास ने बताया कि कपिल आईटीआई में पढ़ रहा था और पिछले साल एक नवंबर को ही शादी हुई थी। वह घूमने के लिए मित्रों के साथ हरिद्वार गया था। उसके साथ उसका मामा गगसीना निवासी दीपक पुत्र बालकिशन भी साथ गया था। मगर उन्हें क्या मालूम था कि यह उनकी अंतिम यात्रा होगी।
एक वर्ष पहले हुई थी अजय की शादी
सुरेवाला निवासी अजय (22) पुत्र दिलबाग सिंह की शादी लगभग एक वर्ष पूर्व ही हुई थी। वह दो भाई-बहन थे। अजय के जाने से घर का इकलौता चिराग बुझ गया। वहीं दूसरा युवक अंकुश (18) पुत्र रघुवीर इग्नू से बीए कर रहा था। रघुवीर सिंह के दो पुत्र थे, जिनमें अंकुश छोटा था। तीसरा युवक रामकेश (25) पुत्र महावीर पातड़ दो भाई व दो बहन थे। रामकेश शादीशुदा था और उसकी पत्नी का देहांत भी कुछ साल पहले हुआ था।
राज्यमंत्री अनूप धानक ने जताया शोक
रविवार को पुरातत्व-संग्रहालय एवं श्रम रोजगार राज्यमंत्री अनूप धानक गांव बिठमड़ा और सुरेवाला में दाह संस्कार में शामिल हुए और मृतकों के आवास पर जाकर शोक जताया। उन्होंने मृतकों के परिजनों को ढांढस बंधाया और कहा कि इस हादसे से गहरा दुख पहुंचा है। वह भगवान से प्रार्थना करते हैं कि उनकी आत्मा को अपने चरणों में स्थान दें और इस दुख की घड़ी में इन परिवारों को दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।