उमलिंग-ला पर मौजूद हांसी का शौर्य कालीरामन।
हांसी। गांव सिसाय के युवा बाइक राइडर शौर्य कालीरमण ने मात्र 18 वर्ष 3 माह की आयु में दुनिया के सबसे ऊंचे मोटरेबल पास उमलिंग-ला पास (लेह-लद्दाख) तक पहुंचकर ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। शौर्य कालीरमण ने यह साहसिक कार्य सोमवार को सफलतापूर्वक पूरा किया।
यह यात्रा उन्होंने दिल्ली से श्रीनगर होते हुए हानले एवं उमलिंग-ला पास तक पूरी की जिसकी ऊंचाई समुद्र तल से 19,024 फीट है। इस उपलब्धि से शौर्य कालीरमन यंगेस्ट पर्सन टू राइड मोटरसाइकिल टू उमलिंग-ला पास का खिताब जीत चुके हैं। शौर्य की इस उपलब्धि पर गांव के व्यक्तियों, नौजवानों, बुजुर्गों, सहपाठियों एवं ग्रामीणों ने उन्हें बधाई एवं आशीर्वाद प्रदान किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। ग्रामीणों ने कहा कि शौर्य की यह उपलब्धि युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है व इससे क्षेत्र और देश का नाम रोशन हुआ है।