पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में गिरफ्तार यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा के खिलाफ स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) ने 14 अगस्त को करीब 2500 पेज की चार्जशीट अदालत में जमा करा दी है। एसआईटी ने ज्योति के मोबाइल व लैपटॉप से मिले डेटा, व्हाट्सएप चैटिंग, बैंक खातों में ट्रांजेक्शन, कॉल रिकॉर्ड और पाकिस्तान यात्रा को जासूसी का मुख्य आधार बनाया है। पुलिस अभी इसकी पूरक चार्जशीट भी तैयार कर रही है।
सूत्रों के मुताबिक चार्जशीट में बताया गया है कि ज्योति लंबे समय से पाकिस्तान के लिए जासूसी कर रही थी। वह पाकिस्तानी एजेंसी आईएसआई के संपर्क में थी। पाक एजेंटों की ओर से पूछे जाने वाले सवालों का जवाब देती थी। पाकिस्तानी जासूसों के साथ उसकी लंबी बातचीत होती थी। उसके मोबाइल खंगालने पर पाक उच्चायुक्त में तैनात एहसान-उर-रहीम दानिश अली से लंबी बातचीत का रिकॉर्ड मिला है।
इसके अलावा शाकिर, हसन अली और नासिर ढिल्लो से भी ज्योति की बातचीत होती थी। सूत्रों का कहना है कि ज्योति ने कुछ गोपनीय सूचनाएं भी पाक भेजी हैं। ज्योति मल्होत्रा के वकील एडवोकेट कुमार मुकेश ने बताया कि सोमवार को ज्योति की पेशी है। उसी दिन चार्जशीट की प्रति ज्योति को सौंपी जाएगी। इसके बाद ही वह विस्तार से बता पाएंगे। उधर, ज्योति के पिता हरीश मल्होत्रा ने कहा कि मंगलवार को वह आखिरी बार ज्योति से मिलने गए थे, चार्जशीट की जानकारी नहीं है।
16 मई 2025 को ज्योति को गिरफ्तार किया था। इस मामले में एसपी शशांक कुमार सावन ने डीएसपी सुनील कुमार के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया था। इसमें इंस्पेक्टर निर्मला, साइबर सेल इंचार्ज अमित, स्पेशल स्टाफ से एसआई सतपाल शामिल रहे। एसआईटी ने 3 महीने तक जांच के बाद चार्जशीट तैयार कर कोर्ट में दाखिल की है।
एसआईटी अभी इसकी जांच कर रही है कि पहलगाम हमले से ज्योति मल्होत्रा का कोई कनेक्शन था या नहीं। ज्योति इस हमले से कुछ दिन पहले ही पाकिस्तान की यात्रा करके आई थी। उसने पहलगाम में वीडियो भी शूट किए थे। पुलिस ने ज्योति पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 152 और आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम, 1923 की धारा 3, 4 और 5 के तहत जासूसी, राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने और गोपनीय जानकारी साझा करने जैसे गंभीर आरोपों में केस दर्ज किया था।
एडवोकेट कुमार मुकेश ने बताया कि इस मामले में 18 अगस्त को सुनवाई होनी है। फिलहाल यह मामला जेएमआईसी कोर्ट में चल रहा था।अब इस मामले को सेशन कोर्ट में भेजा जाएगा। चार्जशीट पढ़ने के बाद अपना जवाबी दावा पेश करेंगे। इसके बाद जमानत के लिए याचिका लगाएंगे।