हिसार। टोक्यो ओलंपिक में एथलेटिक्स के इवेंट जेवलिन थ्रो में गोल्ड मेडलिस्ट नीरज चोपड़ा की जीत में जेएसडब्ल्यू ग्रुप का बड़ा हाथ है। ग्रुप ने उनके चोट के उबरने से लेकर ट्रेनिंग तक पूरा खर्चा उठाया था। डेढ़ माह पहले ओलंपिक की तैयारी के लिए जेएसडब्ल्यू की ओर से यूरोप में ट्रेनिंग करवाई गई। यहां से ली गई ट्रेनिंग से उन्हें काफी मदद मिली। बता दें, कि स्पोर्ट्स एक्सीलेंस प्रोग्राम जेएसडब्ल्यू की एक योजना है। इस योजना से नीरज चोपड़ा वर्ष 2016 से जुड़े हुए हैं।
वर्ष 2019 में नीरज की कोहनी में चोट लग गई थी। इस चोट के कारण उनका भविष्य दांव पर लग गया था। इस दौरान जेएसडब्ल्यू ग्रुप ने ही नीरज के इलाज का पूरा खर्च उठाया था, जिसमें ऑपरेशन के खर्च से लेकर फिजियोथेरेपिस्ट की सुविधाएं शामिल हैं। इस चोट से पूरी तरह उभरने के बाद ही नीरज फिर से अपने खेल करिअर पर फोकस कर पाए थे। इस चोट के कारण वह डेढ़ साल तक खेल के मैदान से दूर रहे थे।
ओलंपिक से करीब डेढ़ माह पहले यूरोप में दिलाया प्रशिक्षण
ओलंपिक शुरू होने से डेढ़ माह पहले नीरज चोपड़ा ने यूरोप में जाकर ट्रेनिंग ली, जिसमें जेएसडब्ल्यू ने उनकी मदद की। यह ट्रेनिंग नीरज को मेडल दिलवाने में काफी मददगार साबित हुई। नीरज के कोच ने उस दौरान इस ट्रेनिंग की डिमांड की थी। उनका कहना था कि यहां का तापमान काफी ज्यादा है, जिससे नीरज की ट्रेनिंग सही तरीके से नहीं हो पा रही है। गर्मी के कारण उसकी डाइट पर भी असर पड़ रहा है।
ग्रुप खुद ही करता है खिलाड़ियों का चयन
ग्रुप के अधिकारियों की मानें तो उसके प्रशिक्षक नेशनल लेवल के टूर्नामेंट में जाते हैं और वहां वह अपने स्तर पर ही प्रतिभाशाली खिलाड़ियों का चयन करते हैं। खिलाड़ियों के चयन के बाद ग्रुप की तरफ से उन्हें सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।
नीरज चोपड़ा जेएसडब्ल्यू ग्रुप से जुड़े हुए हैं। इसके तहत उनकी मदद की गई और खर्चा उठाया गया। नीरज ने टोक्यो ओलंपिक में पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया है। - मनीषा मल्होत्रा, हेड ऑफ स्पोर्ट्स एक्सीलेंस एंड स्काउटिंग, जेएसडब्ल्यू