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जाट कॉलेज के प्रशासक ने निरस्त किए 112 एक्सटेंशन लेक्चरर को हटाने के आदेश, धरना खत्म

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हिसार जाट कॉलेज के बाहर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे टीचर। संवाद - फोटो : Hisar
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हिसार। छाजू राम मेमोरियल जाट कॉलेज से हटाए गए 112 एक्सटेंशन लेक्चरर के लिए राहत भरी खबर है। कॉलेज प्रशासक एवं एडीसी स्वप्निल रविंद्र पाटिल ने कार्यकारी प्रिंसिपल द्वारा जारी शिक्षकों को हटाने का आदेश निरस्त कर दिया है। कार्यवाहक प्राचार्य नीलम लांबा ने 7 फरवरी को यह आदेश दिए थे। वहीं, शिक्षकों ने लिखित में आदेश आने तक धरना जारी रखने का फैसला लिया है। बुधवार को अवकाश होने के कारण वीरवार को आदेश आने की संभावना है।
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मंगलवार को करीब तीन घंटे चली बैठक के बाद एक्सटेंशन लेक्चरर ने धरना खत्म कर दिया। एडीसी की ओर से लेखाकार अशोक कुमार बैठक में शामिल हुए। उन्होंने एडीसी की ओर से 7 फरवरी को कार्यवाहक प्राचार्य के आदेश निरस्त किए जाने के आर्डर दिखाए। जिसके बाद शिक्षकों ने धरना समाप्त करने का फैसला लिया। इस मौके पर भाकियू प्रदेश महासचिव, दिलबाग सिंह हुड्डा लुदास, करतार सिवाच, सतबीर पूनिया, कर्मचारी नेता दलबीर किरमारा, एडवोकेट योगेश सिहाग ,प्रोफेसर केएल रिणवा,कुलदीप खरड़, साहिल,एडवोकेट हर्षदीप गिल, हवा सिंह हिंदवान,सहित अन्य शामिल हुए।
इससे पहले मंगलवार को एक्सटेंशन लेक्चरर का एक प्रतिनिधिमंडल नरेंद्र चहल की अध्यक्षता में एडीसी एवं जाट कॉलेज के प्रशासक से मिला था। प्रतिनिधि मंडल में शामिल नरेंद्र चहल, सविता गिल, डॉ. ज्योति सांगवान, दीपक पूनिया ने बताया कि कॉलेज की कार्यवाहक प्राचार्य ने असंवैधानिक तरीके से 112 एक्सटेंशन लेक्चरर को बिना नोटिस दिए निकाल दिया। 8 फरवरी को जब शिक्षक रोजाना की तरह से ड्यूटी पर पहुंचे तो उन्हें हाजिरी नहीं लगाने दी। शिक्षकों को मौखिक तौर कहा गया कि सभी की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। एक्सटेंशन लेक्चरर ने स्थायी शिक्षकों की नियुक्ति होने तक उन्हें पद पर रखने की मांग की। साथ ही समान काम-समान वेतन की मांग को प्रमुखता से उठाया। आदेश निरस्त करते हुए प्रशासक ने कहा कि यह फैसला लेने का अधिकार कार्यवाहक प्राचार्य के पास नहीं था। उनके 7 फरवरी के बाद लिए गए सभी फैसले निरस्त किए जा रहे हैं। एक्सटेंशन लेक्चरर के साथ किसी तरह का अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
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समर्थन में पहुंचे पूर्व वित्तमंत्री संपत, अभय बोले-विस में उठाएंगे मुद्दा
पूर्व वित्तमंत्री संपत सिंह मंगलवार को एक्सटेंशन लेक्चरर के धरने को समर्थन देने पहुंचे। उन्होंने कहा कि इस तरह से किसी को नहीं हटाया जा सकता। इस तरह के आदेश पूरी तरह से तानाशाही है। जिसे सहन नहीं किया जा सकता। वहीं, धरनारत शिक्षकों के समर्थन में इनेलो के पदाधिकारियों ने इनेलो महासचिव व ऐलनाबाद के विधायक अभय सिंह चौटाला को मांगपत्र सौंपा। अभय सिंह चौटाला ने कहा कि सत्र के बीच में शिक्षकों को हटाना विद्यार्थियों व शिक्षकों के भविष्य से खिलवाड़ है। इस मामले को विधानसभा सत्र में उठाएंगे। एक्सटेंशन लेक्चरर के लिए समान काम-समान वेतन की मांग करेंगे।
जाट धर्मशाला का गेट किया बंद, बैठक रद्द
किसान संगठनों व खाप प्रतिनिधियों की ओर से मंगलवार को जाट संस्थाओं को बचाने के लिए जल्द से जल्द चुनाव कराने को लेकर बैठक करने का फैसला लिया गया था। बैठक की सूचना मिलने के बाद जाट धर्मशाला के गेट को बंद करा दिया गया। इसके बाद मौके पर पुलिस की एक बस भेजी गई। डीएसपी अशोक कुमार भी मौके पर पहुंचे। जाट कॉलेज के प्रशासक देवेंद्र कुमार भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि धर्मशाला सभी लोगों के लिए खुली है। नियमों के अनुसार फीस अदा कर हॉल में बैठक की जा सकती है। जाट समाज के कुछ लोग धर्मशाला में पहुंचे लेकिन कुछ देर बाद बिना बैठक किए लौट गए।
प्राचार्य की शक्तियां ली...
प्रशासक ने कार्यवाहक प्राचार्य की प्रशासनिक शक्तियों पर भी रोक लगा दी है। एडीसी योगेश सिहाग ने बताया कि कार्यवाहक प्राचार्य की नियुक्ति मामले में मंगलवार को अदालत में सुनवाई हुई। जिसमें एडीसी की ओर से पक्ष रखा गया। इस मामले में अगली सुनवाई 28फरवरी को होगी।
एजुकेशन सोसायटी के सदस्य भी पहुंचे
एडीसी की ओर से फैसला दिए जाने के बाद जाट एजुकेशन सोसायटी के निवर्तमान प्रधान सतपाल पालू, अजमेर ढांडा सहित अन्य पदाधिकारी रात 8 बजे धरना स्थल पर पहुंच गए। प्रधान सतपाल पालू ने कहा कि हम शिक्षकों के साथ हैं। मौके पर मौजूद जाट समाज के लोगों ने जाट एजुकेशन सोसायटी के चुनाव न कराए जाने को लेकर सवाल जवाब किए। जिस पर प्रधान ने कोई जवाब नहीं दिया।
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