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जाट कॉलेज के 84 एक्सटेंशन लेक्चरर को नहीं मिली ज्वाइनिंग, एडीसी से की मुलाकातष्टद्धड्डठ्ठद्दद्गञ्जद्बह्लद्यद्ग

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हिसार। सीआरएम जाट कॉलेज से रिलीव किए गए 116 में से 84 एक्सटेंशन लेक्चरर की री-ज्वाइनिंग के अभी तक आदेश जारी नहीं हुए, जबकि जिन 32 लेक्चरर ने कोर्ट केस किया था उनके री-ज्वाइनिंग के आदेश सोमवार को जारी हो गए थे। शेष 84 लेक्चरर री-ज्वाइनिंग की मांग को लेकर मंगलवार को एडीसी से मिलने पहुंचे। हालांकि उन्हें कोई संतुष्टपूर्वक जवाब नहीं मिला। इससे पहले लेक्चरर ने नगराधीश को ज्ञापन सौंपा।
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एडीसी कार्यालय में पहुंचे प्रो. सुशील, प्रो. परविंद्र लांबा, डॉ. मुकेश, प्रो. सुनील, प्रो. मनीषा, प्रो. उत्तम जैन ने बताया कि एडीसी की ओर से उन्हें संतुष्ट पूर्वक जवाब नहीं मिला। री-ज्वाइनिंग की बाट झो रहे एक्सटेंशन लेक्चरर के प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि एडीसी ने उन्हें कहा कि रिलीव किए गए 32 एक्सटेंशन लेक्चरर के पास री-ज्वाइनिंग करने के तथ्य हैं लेकिन 84 लेक्चरर के पास ऐसा कुछ नहीं है। एक्सटेंशन लेक्चरर का कहना है कि एडीसी ने जवाब दिया कि 84 लेक्चरर के पास री-ज्वाइनिंग करने का कोई आधार नहीं है। एक्सटेंशन लेक्चरर ने काफी समय तक एडीसी से बातचीत की।
गौरतलब है कि करीब एक साल पहले जाट कॉलेज के 116 लेक्चरर को कॉलेज प्रशासन द्वारा रिलीव कर दिया था। बहाली की मांग को लेकर एक्सटेंशन लेक्चरर ने कॉलेज कैंपस में कई दिनों तक धरना दिया। इनके धरने को विद्यार्थी, सामाजिक व किसान संगठनों ने समर्थन दिया था। इसके बाद जिला प्रशासन ने एक्सटेंशन लेक्चरर को री-ज्वाइनिंग करवा दी। इसके कुछ महीने बाद एक बार फिर वर्तमान प्राचार्य ने इनको रिलीव कर दिया। रिलीव किए गए 116 एक्सटेंशन लेक्चरर में से 32 ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। बाकी 84 लेक्चरर ने कॉलेज प्रशासन के आदेशों की खिलाफत नहीं किए। इन्हें इंतजार था कि कॉलेज प्रशासन की ओर से री-ज्वाइनिंग के आदेेश आ जाएंगे, जो कि अभी तक नहीं आए हैं। उन्होंने कॉलेज प्रशासन व प्रशासक से जल्द से जल्द री-ज्वाइंनिग कराने की गुहार लगाई है।
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