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राजनीति से ही निकलेगा आरक्षण का हल

Wed, 14 Sep 2016 12:36 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/हिसार
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Jaat sabha - फोटो : Bureau
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जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने कहा है कि राजनीति से ही इस आरक्षण के मसले का हल निकलेगा। कांग्रेस को जाटों ने एमपी, राजस्थान, दिल्ली को हराया तो मजबूर होकर कांग्रेस केंद्र सरकार ने जाट आरक्षण दिया था।
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मय्यड़ के खेल स्टेडियम में जाट समाज के लोगों को संबोधित करते हुए वक्ताओं कि हमें हर सरकार में धोखा मिला है। 24 नवंबर 2006 से आंदोलन शुरू किया था। हमें पांचों राष्ट्रीय पार्टियों ने धोखा दिया। राजनीतिक पार्टियों से धोखा मिलने के बाद 2010 में राजनेताओं को दूर होकर आंदोलन शुरू किया। हमने एमपी, राजस्थान, दिल्ली में अपनी ताकत दिखाई तब कांग्रेस सरकार ने मजबूर होकर हमें आरक्षण दिया था। इस बार भी हमें राजनीतिक तौर पर लड़ना होगा। तीन बार सरकार मना कर चुकी है। चौथी बार मनाएंगे किसी भी तरह से मनाना पड़े। उन्होंने कहा कि इस बार हमें कई चुनौतियों से भी लड़ना है। पहली चुनौती हमें सामाजिक तौर पर विभाजित नहीं होना। 35 वर्सेज 1 में हम नहीं उलझेंगे। राजनीतिक तौर पर हमारे ही लोगों को हमारे खिलाफ खड़ा किया जाएगा। हमें ऐसे लोगों से निपटना होगा। सरकार को 30 नवंबर तक का समय देंगे। मांग नहीं मानी तो सरकार के खिलाफ बिगुल बजाएंगे। आरक्षण सहित अन्य मांगों का समाधान कर देती तो जाट समाज समर्थन करने से भी पीछे नहीं हटेगा। 28 सितंबर से 1 अक्तूबर तक पंजाब में जाट संदेश यात्रा निकाली जाएगी।

आंदोलन मय्यड़ से ही
मय्यड़ में आंदोलन की जगह को लेकर यशपाल मलिक सीएम के ओएसडी कैप्टन भूपेंद्र सिंह पर हमला बोला। मलिक ने कहा यह भूलना चाहिए कि जिस स्टेडियम पर श्रद्धांजलि सभा हो रही है वह जाट समाज के लिए शहीद हुए की देन है। अगला आंदोलन भी मय्यड़ से ही शुरू होगा। चाहे गोली चले या लाठी जाट डरने वाले नहीं है।
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टोल प्लाजा पर मिली छूट
जाट आरक्षण संघर्ष समिति के आह्वान पर श्रद्धांजलि सभा में शामिल होने आए लोगों के वाहनों को रामायण टोल प्लाजा पर छूट दी गई। वाहनों को बिना कोई अदायगी के वहां से गुजरने दिया गया। श्रद्धांजलि सभा में भारी संख्या में वाहन दूसरे जिलों से भी आए थे।

समारोह की हर मूवमेंट की रिपोर्ट
श्रद्धांजलि समारोह को लेकर खुफिया विभाग के करीब 20 से अधिक कर्मचारी अधिकारी मौके पर तैनात किए गए थे। वीडियो कैमरे, मोबाइल से यह हर एक मूवमेंट की रिकार्डिंग कर रहे थे। लगातार उच्च अधिकारियों को पूरी रिपोर्ट से अवगत करा रहे थे।

शहीद परिवारों को सम्मान के साथ मदद भी
जाट आरक्षण के लिए सबसे पहले शहादत देने वाले सुनील श्योराण, विजय कड़वासरा, संदीप कुमार के परिजनों को एसपीजीसी के अध्यक्ष जगदीश झींडा ने सरोपा भेंट कर सम्मानित किया। दिल्ली से आए युवाओं ने हर परिवार को 1.37-1.37 लाख रुपये की मदद की।

संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल
रैली में मय्यड़ रेलवे ट्रैक पर डेेरा डालने या नेशनल हाइवे को जाम करने का फैसला लिया जाने की संभावना के चलते यहां पुलिस बल तैनात किया गया था। रैली स्थल पर कोई पुलिस कर्मी नहीं लगाया गया था। मय्यड़ के पास पेट्रोल पंप, नेशनल हाइवे, भानू चौक हिसार बाइपास, मय्यड़ रेलवे स्टेेशन के पास जलघर, टोल प्लाजा, रामायण रेलवे स्टेशन, जाट आंदोलन के पुराने रैली स्थल पर पुलिस की कंपनियां तैनात थीं।

सुरक्षा के लिए तैनात रहे 21 ड्यूटी मैजिस्ट्रेट
सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन ने 21 ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किए गए थे। हांसी एसडीएम प्रदीप, नायब तहसीलदार भूपेंद्र, तहसीलदार हिसार हरीश, तहसीलदार साहबराम, बीडीपीओ ओमप्रकाश, बीडीपीओ रमेश कुमार, तहसीलदार राजेश कुमार, तहसीलदार जगरूप सिंह, तहसीलदार सुखबीर बूरा, नायब तहसीलदार हरकेश, नायब तहसीलदार राजबीर, बीडीपीओ सोमबीर कादयान, तहसीलदार सुशील शर्मा, नायब तहसीलदार सतीश, नायब तहसीलदार अनिल परूथी, बीडीपीओ रवि कुमार, नायब तहसीलदार विजय कुमार।
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