हिसार। शहर में निर्माणाधीन हवाई अड्डे के दूसरे चरण में आइसोलेेटेड बे (दूरी पर स्थित बे), रेसा, लिंक टैक्सी व ब्लास्ट पैड का निर्माण भी किया जाएगा। नए कार्यों के शामिल होने से दूसरे चरण के तहत खर्च किए जाने वाला बजट भी बढ़ गया है। इसे लेकर बीएंडआर ने रिवाइज एस्टीमेट तैयार कर मंजूरी के लिए एसीएस के पास भेज दिया है।
बता दें कि फिलहाल एयरपोर्ट पर दूसरे चरण का काम चल रहा है। इसके तहत रनवे का विस्तार, नाइट लैंडिंग की सुविधा, एडवांस एयर ट्रैफिक एडवाइजरी सिस्टम, चहारदीवारी का निर्माण करवाना शामिल है। इस पर करीब 160 करोड़ रुपये का खर्च किए जाने हैं। यह काम 31 मई तक पूरा किया जाना तय हुआ था। लेकिन अब नए काम शामिल होने से समय सीमा बढ़नी तय है। वहीं एस्टीमेट भी 179 करोड़ से बढ़कर 245 करोड़ रुपये कर दिया गया हे।
इनका किया जाएगा निर्माण
आइसोलेटेड बे : यह एयरपोर्ट की वह एकांत जगह होती है, जहां आपातकालीन स्थिति में हवाई जहाज को खड़ा किया जाता है। उदाहरण के लिए अगर हवाई जहाज में बम की सूचना मिलती है तो उसे आइसोलेटेड बे में ही खड़ा किया जाता है।
रेसा : रेसा का मतलब होता है रनवे एंड सेफ्टी एरिया। कभी-कभी विमान रनवे से बाहर चला जाता है तो उस स्थिति में विमानों होने वाले नुकसान को कम करने के लिए रनवे के एंड प्वाइंट पर करीब 300 फुट की पट्टी का और निर्माण किया जाता है, जिसे रेसा कहा जाता है।
ब्लास्ट पैड रनवे : ब्लास्ट पैड रनवे के अंत के पास एक सतह है, जो जेट ब्लास्ट व आसपास की सतहों पर प्रोप वॉश के क्षरण प्रभाव को कम करने के लिए प्रदान की जाती है।
रनवे पर चल रहा डीबीएम की लेयर का काम
फिलहाल रनवे पर डीबीएम की लेयर बिछाने का काम चल रहा है। इसके तहत 75-75 एमएम की दो व 50 एमएम की एक लेयर बिछाई जाएगी।
बढ़ाई जाएगी समय सीमा
फिलहाल दूसरे चरण के काम के पूरा होने की समय सीमा 31 मई निर्धारित की गई है। चूंकि अब इसमें कुछ और कार्य शामिल कर लिए गए हैं। ऐसे में इसकी समय सीमा भी बढ़ाई जाएगी। हालांकि अभी नई समय सीमा फाइनल नहीं की गई है।
दूसरे चरण के तहत कुछ और कार्यों को शामिल किया गया है। इसे लेकर रिवाइज्ड एस्टीमेट तैयार कर एसीएस के पास भेज दिया गया है। - रजनीश कुमार, एक्सईएन, बीएंडआर