हिसार। गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय के फिजियोथेरेपी विभाग में शैक्षणिक सत्र 2024-25 से इंटीग्रेटिड बीएससी (ऑनर्स/ऑनर्स विद रिसर्च)-एमएससी इन योगा साइंस एंड थेरेपी कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है। यह पंचवर्षीय सेमेस्टर प्रणाली कार्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अंतर्गत शुरू किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में 30 सीटों का प्रावधान हैं। इससे पूर्व फिजियोथेरेपी विभाग में 2018 में 30 सीटों के साथ योग विज्ञान एवं चिकित्सा विषय में स्नातकोत्तर डिप्लोमा कार्यक्रम तथा 2019 में 40 सीटों के साथ एमएससी योग साइंस एंड थेरेपी कार्यक्रम शुरू किया जा चुका है।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने कहा कि दुनियाभर में योग और समग्र स्वास्थ्य प्रथाओं की बढ़ती लोकप्रियता के साथ, योग विज्ञान के क्षेत्र में कुशल पेशेवरों की मांग बढ़ रही है। इस कार्यक्रम के विद्यार्थियों के लिए योग स्टूडियो, कल्याण केंद्रों, अस्पतालों, फिटनेस केंद्रों, स्कूलों, कॉर्पोरेट सेटिंग्स और संबंधित क्षेत्रों में अपार संभावनाएं हैं।
विभागाध्यक्ष डॉ. जसप्रीत कौर ने बताया कि फिजियोथेरेपी विभाग में अंतर्गत पीएचडी फिजियोथेरेपी, मास्टर ऑफ फिजियोथेरेपी, बैचलर ऑफ फिजियोथेरेपी, एमएससी योग विज्ञान एवं चिकित्सा में स्नातकोत्तर डिप्लोमा (पीजीडीवाईएसटी) पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। डॉ. जसप्रीत कौर ने बताया कि यह इंटीग्रेटिड बीएससी (ऑनर्स/ऑनर्स विद रिसर्च)-एमएससी इन योगा साइंस एंड थेरेपी कार्यक्रम योग विज्ञान एवं चिकित्सा के क्षेत्र में लागू पहलुओं पर विशेष प्रोत्साहन के साथ विषय की गहन समझ प्रदान करने के लिए डिजाइन किया गया है।