डॉ. गोविंद, उनकी पत्नी और बेटा।
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भिवानी-जींद मुख्य मार्ग पर रविवार देर शाम को हुए सड़क हादसे में घायल डॉ. गोविंद मखीजा की भी मौत हो गई है। उन्होंने हिसार के अस्पताल में दम तोड़ा। इस हादसे में उनकी पत्नी, बेटे, भाभी और भतीजे की मौत हो गई थी।
डॉ. गोविंद ने अपनी बेटी की शादी पिछले साल ही कैथल जिले के कलायत में की थी। बेटी की ससुराल में पहली दीपावली थी, इसलिए सभी बड़े चाव से उसे शगुन देने के लिए भिवानी से कलायत गए थे। डॉ. गोविंद के साथ गाड़ी में उनकी पत्नी 50 वर्षीय डॉली, बेटा साहिल और भाभी रजनी और 11 साल का भतीजा आराध्य भी था। ये सभी बेटी की ससुराल में दीपावली का शगुन देकर लौट रहे थे।
बेटी के साथ दामाद व समधी ने भी गोविंद को रात में वहीं रुक जाने के लिए काफी अनुरोध किया, लेकिन गोविंद नहीं माने और गाड़ी में सवार होकर सभी घर के लिए निकल पड़े। गांव बास-मदनहेड़ी के बीच मुंढाल की तरफ से जींद जा रहे एक तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी कार व दो बाइकों को टक्कर मार दी। इस सड़क हादसे में कार में सवार गोविंद की पत्नी डॉली, बेटा साहिल, भाभी रजनी और भतीजे आराध्य की मौत हो गई। जबकि गोविंद हिसार के एक निजी अस्पताल में अभी जिंदगी और मौत से जूझ रहे थे। मंगलवार को उनकी भी मौत हो गई।
डॉ. गोविंद के छोटे भाई सतपाल का भिवानी के बिचला बाजार में कपड़े और रेडिमेड कपड़ों का बड़ा कारोबार है। इस सड़क हादसे में सतपाल की पत्नी रजनी और इकलौता बेटा आराध्य भी काल का ग्रास बन गए। आराध्य बड़ी मन्नतों के बाद पैदा हुआ था। सतपाल को शादी के कई साल बाद पुत्र सुख मिला था। इकलौते बेटे और पत्नी को खोने के बाद सतपाल भी अब अकेला रह गया है। वहीं डॉ. गोविंद के परिवार में अब उनकी एक शादीशुदा बेटी बची है।