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जुलाई में जंतर-मंतर पर पर होगा आंदोलन : अभिमन्यु कोहाड़

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भारतीय किसान यूनियन एकता सिद्धूपुर की हरियाणा इकाई की बैठक सोमवार को नारनौंद की दादा देवराज धर् - फोटो : 1
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नारनौंद। भारतीय किसान यूनियन एकता सिद्धूपुर की हरियाणा इकाई की बैठक सोमवार को स्थानीय दादा देवराज धर्मशाला में हुई। इसमें भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का विरोध किया गया। इसके तहत 20 जुलाई तक मांगें पूरी न होने पर आंदोलन तेज करने और 23 जुलाई को जंतर-मंतर में प्रदर्शन की चेतावनी दी गई।
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बैठक की अध्यक्षता करते हुए इंद्र सिंह काजल ने भारत-अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते पर चिंता जताते हुए कहा कि अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि जेमीसन ग्रीर 23-24 जून को भारतीय अधिकारियों के साथ वार्ता कर समझौते को अंतिम रूप देने वाले हैं।
प्रदेश अध्यक्ष अभिमन्यु कोहाड़ का कहना है कि इस समझौते का सबसे अधिक असर देश के किसानों, डेयरी और पोल्ट्री क्षेत्र पर पड़ सकता है। उन्होंने बताया कि संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) के आह्वान पर 23 जुलाई को हरियाणा के पदाधिकारी दिल्ली के जंतर-मंतर पर पहुंचकर इस समझौते के खिलाफ शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करेंगे।
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उनका कहना है कि अमेरिका में किसानों को सालाना लाखों रुपये की सब्सिडी मिलती है जबकि भारत में किसानों को अपेक्षाकृत बहुत कम सहायता मिलती है। ऐसे में विदेशी कृषि उत्पादों के आने से भारतीय किसानों के सामने प्रतिस्पर्धा का संकट हो सकता है। बैठक में पहुंचे प्रदेश संयोजक होशियार गिल, प्रदेश महासचिव हर्षदीप सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष बलवान लोहान, सतबीर पेटवाड़ व शीलू लोहान आदि किसान नेताओं ने कहा कि किसानों से जुड़े मुद्दों पर संघर्ष जारी रहेगा। बैठक में प्रधान दशरथ मलिक, राजू खरड़, जगबीर मलिक, रविंद्र जाखड़, सुनील सिहाग, शमशेर पूनिया, बेदी दहिया, रवींद्र अहलावत, विक्की ढांडा आदि मौजूद रहे।
20 जुलाई के बाद मंडल स्तर पर होगा धरना
बैठक में 10 जून को रोहतक में बिजली की हाईटेंशन लाइनों के मुआवजे और मार्केट वैल्यू निर्धारण में लॉटरी व्यवस्था के विरोध में हुए किसान प्रदर्शन का भी जिक्र किया गया। किसान नेताओं ने बताया कि प्रदर्शन के बाद रोहतक मंडल आयुक्त को किसानों की मांगों से अवगत कराया गया था। यदि 20 जुलाई तक कोई सकारात्मक समाधान नहीं निकला तो इसके बाद हरियाणा के विभिन्न मंडलों में बड़े स्तर पर धरने और आंदोलन शुरू किए जाएंगे।
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